सील तोड़कर चुदाई को सफल बनाया

हैल्लो दोस्तों, आप सभी को मेरा मतलब रचित का प्यार भरा नमस्कार antarvasna Kamukta hindi sex stories indian sex chudai Kahania दोस्तों में भी आप लोगों की तरह पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, जो मुझे बहुत अच्छी लगती है। अब तक मैंने बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी, वो मुझे एकदम सच्ची लगी और मज़ा भी बहुत आया और आज में अपनी भी एक सच्ची घटना आपके लिए लेकर आया हूँ, जिसको मैंने बहुत मेहनत करके आप तक पहुंचाया है और में उम्मीद करता हूँ कि यह आपको जरुर पसंद आएगी। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है, जिसमें मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को अपने घर पर बुलाकर उसकी चुदाई के मज़े लिए और यह एक सच्ची घटना है और यह मेरे साथ 20 दिसंबर 2015 को घटी। दोस्तों वैसे में बनारस का रहने वाला हूँ, लेकिन मेरा एक घर दिल्ली में भी है, जहाँ पर में पिछले 6 साल से अपने परिवार के साथ रह रहा हूँ, मेरे परिवार में चार लोग है, जिनमें मेरे मम्मी पापा, मेरा बड़ा भाई और में। दोस्तों मेरे सभी रिश्तेदार बनारस में ही रहते है, इसलिए मेरे परिवार का हर कभी बनारस आना जाना होता रहता है और मेरी दिल्ली में एक गर्लफ्रेंड है, जिससे मेरी दोस्ती अभी कुछ सालों पहले हुई, वो दिखने में बहुत सुंदर, उसका गोरा रंग, लंबे काले बाल, पतली कमर, चाँद जैसा गोल सुंदर चेहरा, गुलाबी होंठ, हिरनी जैसी आखें, अच्छे आकार का सेक्सी फिगर जिसको देखकर कोई भी उसका दीवाना हो जाए, ठीक वैसा ही हाल मेरा उसको देखकर था।

दोस्तों मेरी उससे बहुत गहरी दोस्ती थी और हम दोनों ने अपना बहुत सारा समय एक दूसरे के साथ बिताया था। मैंने उसको बहुत बार चूमा और उसके बूब्स की गोलाईयों को कपड़ो के ऊपर से छूकर महसूस किया और उसके गुलाबी होंठो पर अपने होंठो से कब्जा किया और उसको भी अपना दीवाना बना दिया, लेकिन मैंने कभी भी उसके साथ ज्यादा आगे कोई ऐसा काम नहीं किया, लेकिन अब में उसको पूरी तरह से अपना बनाना चाहता था, में उसकी चूत को भी देखना छूना और उसकी चुदाई करना चाहता था, शायद यही हाल उसका भी था और वो यह बात कहने से बहुत शरमाती थी और में बहुत बार उसकी वो बैचेनी उसकी आखों में देखी थी, वो भी अब अपनी चूत को मेरे हवाले करना चाहती थी और हमारी अच्छी किस्मत से हमे एक दिन बहुत इंतजार के बाद वो मौका मिल ही गया और अब आगे सुनिए।

दोस्तों मेरे ताऊजी के लड़के की शादी बनारस में थी, लेकिन में वहाँ पर नहीं जा रहा था, क्योंकि उसके उस कुछ समय बाद दिसंबर में बीए के पेपर थे और अब मेरे दिमाग़ में अपनी गर्लफ्रेंड को अपने घर पर लाने का विचार आया और अब मैंने सोचा कि अगर यह सब रात में हो तो कितना मज़ा आएगा? दोस्तों मेरी गर्लफ्रेंड का नाम इशिका है, वो कॉल सेंटर में अपनी नौकरी करती है और सबसे पहले मैंने उससे फोन करके यह बात पूछ ली कि उसकी कौन सी शिफ्ट चल रही है? तो उसने मुझसे बताया कि आज कल उसकी नाईट शिफ्ट है। फिर मैंने उसको अपने मन का विचार बताया, जिसको सुनकर वो तुरंत तैयार हो गई और अब मेरे मन के अंदर इस बात को लेकर बहुत उत्सुकता थी कि में पूरी रात को उसके साथ रहूँगा और उसके साथ बहुत जमकर मज़े मस्तियाँ करूंगा और फिर वो रात आ ही गई, जिसका मुझे इतना इंतजार था। फिर मैंने उसको फोन करके बता दिया था कि तुम आज रात को करीब 9.30 बजे तक आ जाना, किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा, क्योंकि तब तक हमारे सभी पड़ोसी अपने अपने घरों में बंद हो जाते है बाहर कोई भी नहीं रहता, वैसे भी वो सर्दियों की रातें थी, जिनमें ज्यादा सर्दी और कुछ ज्यादा ही अँधेरा होता है। फिर वो मेरे कहने पर रात को आ गई। मैंने पहले से ही अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ रखा था और में टी.वी. को देखते हुए उसी का इंतजार कर रहा था। फिर जैसे ही वो अंदर आई तो मैंने उठकर तुरंत दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फिर उसको अपनी बाहों में कसकर भर लिया, जिसकी वजह से उसके बूब्स मेरी छाती से दबने की वजह से उसके बड़े गले के उस सूट से बाहर निकलकर झांकने लगे थे और में अब उसको चूमने लगा और बहुत प्यार से उसको देखने लगा, हम दोनों बहुत खुश थे, उससे भी ज्यादा मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, में बिल्कुल पागल हो चुका था और फिर कुछ देर बाद उसके कहने पर मैंने उसको छोड़ दिया। दोस्तों में हमारे लिए रात का खाना पहले से ही बाहर से लाया था। हम दोनों ने हंसी ख़ुशी एक साथ में बैठकर खाना खाया और उसके बाद मैंने उसको दोबारा अपने गले से लगाया और तब मैंने महसूस किया कि उसके बूब्स बहुत बड़े आकार के थे, में उनको छूकर महसूस करके मन ही मन बहुत खुश था और मेरे अंदर अब ना जाने क्या क्या हो रहा था। फिर उसको अपनी गोद में उठाकर अपने बेडरूम में ले गया और डबल बेड पर आते ही हमने अपने ऊपर कंबल को डाल लिया। मैंने उसे फिर गालो पर, कानों पर, गर्दन पर उसकी हर एक जगह पर चूमना शुरू किया, जिसकी वजह से उसकी आँखे बंद हो चुकी थी और वो गरम होकर पूरी तरह से जोश में आ गई थी, लेकिन अब मुझसे बिल्कुल भी इंतज़ार नहीं हो रहा था और मेरा लंड भी अब फनफनाने लगा था, वो भी चूत में जाने के लिए बहुत बैचेन हो रहा था।

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फिर मैंने सबसे पहले उसके सूट को उतार दिया और अब में उसके गोरे गदराए बदन को देखकर बहुत हैरान था और ऊपर से वो इतनी भरी हुई एकदम हॉट सेक्स लग रही थी। फिर मैंने सबसे पहले उसके गोरे मुलायम पेट पर किस किया, वो इसका मज़ा ले रही थी और मेरे चूमने की वजह से वो अब गरम होकर सिसकियाँ भी लेने लगी थी और कुछ देर चूमने के बाद मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और मेरे ऐसा करते ही उसके बंद कबूतर अब एकदम आजाद हो चुके थे और बहुत सुंदर आकर्षक दिखाई दे रहे थे, मुझे उसके बूब्स को देखकर मज़ा आ गया। अब में तुरंत उसके एकदम गोल बहुत मुलायम बूब्स पर टूट पड़ा। मैंने उसका एक बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू किया और अपने दूसरे हाथ से उसके दूसरे बूब्स को दबाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसको बड़ा मज़ा आ रहा था और वो बोल रही थी हाँ थोड़ा और ज़ोर से दबाव ऊऊह्ह्ह आह्ह्ह् वाह मज़ा आ गया। फिर मैंने कुछ देर दोनों बूब्स को दबाकर उनका रस निचोड़कर अब में नीचे की तरफ बढ़ गया और अब मैंने बिना देर किए उसकी सलवार को भी उतार दिया, वो अब मेरे सामने अपनी पेंटी में थी और बहुत सुंदर कामुक लग रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों में आप सभी को उसकी सुन्दरता को किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता कि वो उस समय कैसी लग रही थी? और अब में उसको देखकर पूरी तरह से पागल होकर उसके गोरे चिकने पैरों पर अपने हाथ फेरने लगा, उसने नीले रंग की पेंटी पहनी हुई थी और उस मस्ती उस अहसास की वजह से उसकी दोनों आँखे बंद हो गई थी, वो हल्की सी आवाज से मोन कर रही थी, जिससे मुझे उसकी बैचेनी का पता चल रहा था। फिर में उसके मुलायम पैरों पर किस करता रहा और उसको इतना मज़ा आ रहा था कि उसने अपनी दोनों आँखे बंद कर रखी थी। दोस्तों मैंने महसूस किया कि उसके घुटनों के ऊपर उसकी चमड़ी इतनी मुलायम थी कि जैसे मैंने अपने हाथों में मक्खन ले लिया हुआ हो। फिर मैंने उसकी जांघ पर ज़ोर से काट लिया तो उसने मेरे सर के बाल पकड़ लिए। फिर मेरी उँगलियाँ अपनी हरकत में आ गई और मैंने सही मौका देखकर एकदम से एक झटका देकर उसकी पेंटी में अचानक से अपना एक हाथ डाल दिया, जिसकी वजह से वो एकदम से बोल पड़ी आआआहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ और उसने अपनी दोनों पैरों को फैला दिया। अब में अपनी हथेली को उसकी गरम वर्जिन चूत पर फेर रहा था, जिसका वो पूरा पूरा लुत्फ़ उठा रही थी और सिसकियाँ ले रही थी, आह्ह्ह्ह स्सीईईईईईइ जिसकी वजह से मेरा जोश बढ़ने लगा था। तभी एकदम से मैंने उसकी पेंटी को पकड़कर एक झटका देकर उतार दिया और अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी और बिल्कुल कमदेवी नजर आ रही थी। फिर मैंने भी एकदम से अपने सारे कपड़े उतार दिए, क्योंकि रात में किसी के आने का डर नहीं होता है। में फिर से उसकी चूत पर हाथ फेर रहा था और उसके बूब्स को भी दबा रहा था और मेरा लंड अब उसकी चुदाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार था, लेकिन यह तो हमारी शुरुआत थी, इसलिए मैंने ऐसी कोई जल्दबाज़ी नहीं की और अब मैंने अपना लंड उसके हाथों में पकड़ा दिया, वो मेरा इतना मोटा लंड देखकर बिल्कुल हैरान हो गई और वो मुझसे बोली कि यह इतना बड़ा होता है, मुझे इससे पहले इसकी इतनी लम्बाई का कोई आइडिया नहीं था, में आज पहली बार यह सब देख रही हूँ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ में यह सब आज पहली बार ही कर रहा हूँ और इतना कहकर में उसके दोनों पैरों के बीच में गया और मैंने देखा कि उसके चूत पर बहुत सारे बाल थे, लेकिन उनका आकार बहुत छोटा था, जो मुझे जोशीला बना रहे थे।

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अब मैंने एकदम से उसकी चूत पर किस किया तो उसने अपने दोनों पैर फैला लिए और मेरे बाल पकड़ लिए। फिर मैंने भी बिल्कुल सही मौका देखकर अपनी जीभ को चूत में डाल दिया और चूसने लगा, उसकी चूत के दाने को टटोलने लगा। में करीब पांच मिनट तक उसको अपनी जीभ से चुदाई का मज़ा देता रहा और वो मेरे सर को अपनी चूत में दबाते हुए जोश में आकर अपने कूल्हे उठाकर मेरे साथ मज़े ले रही थी और फिर चूत को अपनी जीभ के मज़े देने के बाद सबसे पहले मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत के डाली। उसके बाद मैंने अपनी दूसरी ऊँगली को भी चूत में डाल दिया और फिर मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली को अंदर ले जाकर फैला दिया। फिर उसको दर्द होने लगा और वो छटपटाने लगी और वो बोली आअह्ह्हह्ह्हह उफफ्फ्फ् हाँ और ज़ोर से सस्स्स्स्स्सीए पूरी अंदर तक डाल दो, घुसा दो पूरा अंदर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। दोस्तों मैंने महसूस किया कि वो बहुत गरम हो चुकी थी, जिसकी वजह से उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था, जिसको मैंने चाटकर उसका स्वाद लिया और वो थोड़ा सा नमकीन था। अब मैंने उसको मेरा लंड चूसने के लिए बोला तो उसने सबसे पहले मेरे लंड को बहुत प्यार से देखा और फिर उसको किस किया और फिर अपने मुहं में ले लिया, वो अब मेरे लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगी, उसको लंड चूसने का बिल्कुल भी अनुभव नहीं था, लेकिन फिर भी चुदाई की आग में जलकर उसने सब कुछ सीख लिया था, वो बहुत अच्छी तरह से चूस रही थी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था, में एकदम सीधा होकर लेटा हुआ था।

फिर कुछ देर बाद जैसे ही मेरा वीर्य बाहर निकला तो उसने वो सारा गरम लावा अपने मुहं में ले लिया, उसको वो गटक गई और कुछ ही सेकिंड में उसने मेरे लंड को भूखी बिल्ली की तरह अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ करके दोबारा चमका दिया। फिर मैंने उसको दोबारा लेटा दिया, में उसके पूरे बदन को चूमने प्यार करने लगा और बूब्स से खेलने लगा और करीब पांच मिनट के बाद मेरा लंड एक बार फिर से पूरी तरह से चुदाई के लिए तैयार हो चुका था। फिर क्या था मैंने जल्दी से उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और अपना लंड हल्का सा चूत के अंदर डाला तो वो दर्द की वजह से अपनी दोनों आखें बंद करके अपना चेहरा कभी इधर तो कभी उधर कर रही थी। फिर मेरा लंड जैसे ही आधा उसकी चूत के अंदर गया, उसको बहुत ज़ोर से दर्द हुआ और वो अब चीखने लगी, चिल्लाने लगी, उउइईईईईई माँ में मर गई अह्ह्ह्ह प्लीज तुम अब इसको बाहर निकाल दो, उफ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे अंदर एक अजीब से जलन सी महसूस हो रही है, आईईईई प्लीज में अब मर जाउंगी तुम इसको बाहर निकालो। फिर मैंने बिना कोई हलचल किए उससे कहा कि तुम्हें कुछ नहीं होगा थोड़ा सा इंतजार करो, यह तुम्हारी पहली चुदाई है इसलिए तुम्हें इतना दर्द हुआ, अभी कुछ देर बाद सब ठीक हो जाएगा। फिर मैंने उसकी चूत को सहलाते हुए धीरे धीरे अपने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया और जब मुझे लगा कि अब वो थोड़ा सा ठीक महसूस कर रही है। तब मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और एक हाथ से उसके एक बूब्स दबा भी रहा था और उसको किस करना भी शुरू कर दिया। इतनी देर में उसकी चूत में मेरा लंड पूरा अंदर जा चुका था, में एक सेकेंड रुक गया और फिर अपना लंड अंदर बाहर ज़ोर ज़ोर से करने लगा। फिर उसने अपने दोनों पैरों को पूरा फैला दिया था और अब वो मस्ती में आकर सिसकियाँ लेकर मेरे लंड के मज़े ले रही थी, उफफ्फ्फ्फ़ हाँ थोड़ा और ज़ोर से जाने दो पूरा अंदर सीईईईईईई हाँ पूरा डाल दो ऊऊईईईइ।

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दोस्तों अब वो एक लड़की से औरत बन चुकी थी, क्योंकि मैंने अपने लंड से उसकी पहली चुदाई में चूत की सील को तोड़कर उसकी चुदाई को पूरा सफल बना दिया और अब उसके चेहरे पर एक संतुष्टि की चमक मुझे नजर आ रही थी, जिसको देखकर में बहुत खुश था, क्योंकि वो मेरे साथ थी और उसकी मर्जी से यह सारा काम हो रहा था, क्योंकि दोस्तों चुदाई का असली मज़ा दोनों की तरफ से हाँ होने पर ही आता है और यह बात मुझे अपने एक दोस्त ने बताई थी और अपनी पहली चुदाई के बाद में उसका मतलब भी समझ चुका था। फिर जैसे ही कुछ देर धक्के देने के बाद जब में झड़ने वाला था। फिर मैंने उससे पूछा बताओ कि में अब क्या करूं, इसको कहाँ निकालूं? फिर वो बोली कि तुम इसको मेरी चूत में ही निकाल दो, में तुम्हारे वीर्य की गरमी को अपनी चूत में महसूस करना चाहती हूँ और फिर मैंने उसके कहने के कुछ देर बाद दो चार धक्के देने के बाद उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया और वीर्य को अपनी चूत की गहराई में महसूस करने के बाद वो एकदम ज़ोर से मेरी बाहों में चिपक गई, उसको वो सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा था और इस बीच वो भी एक बार झड़ चुकी थी। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लिपटे पड़े रहे, क्योंकि वो पूरी रात हमारी थी और हम एक दूसरे को चूमते चाटते प्यार करते रहे। दोस्तों मैंने उस रात उसको करीब 6 बार चोदा और हर बार चुदाई में उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और हमने हमारी उस रात को बहुत रंगीन बना दिया। हमने उस मौके का बहुत फायदा उठाया और जमकर चुदाई के मज़े लिए, जिसकी वजह से हम दोनों एक दूसरे का साथ पाकर बहुत खुश थे ।।

धन्यवाद …

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