रात में चुदाई चाची के साथ

हैल्लो दोस्तों, में antarvasna चोदन डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। आप सबकी स्टोरी पढ़कर मेरा भी मन हुआ की में भी आपको अपनी लाईफ की एक सच्ची घटना बताऊँ। यह एक सच्ची कहानी है। अब में आपको मेरे बारे में बताता हूँ। मेरा नाम बंटी है और में 24 साल का हूँ, में पंजाब का रहने वाला हूँ। अब में आपको ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह बात उन दिनों की है जब में 18 साल का था और गर्मियों की छुट्टियों में अपने चाचा के यहाँ गया हुआ था। मेरे चाचा की शादी हुए 5 साल हो गये है और उनके एक 3 साल की बेटी और एक 1 साल का बेटा है। मेरी चाची एक सेक्स बॉम्ब है, क्या बूब्स है उनके? उनकी गांड भी मस्त है, में जब भी उन्हें चलते हुए देखता हूँ तो तब मेरा 8 इंच का लंड टाईट हो जाता है। फिर जब में उनके पास गया तो तब मेरा मन उन्हें चोदने का होने लगा था। में हर वक़्त यही सोचता था कि चाची को कैसे चोदा जाए? वैसे चाची मुझे प्यार बहुत करती थी, हम दोनों खाना भी साथ में खाते थे।

फिर एक दिन दोपहर के टाईम चाची और में टी.वी देख रहे थे और उनके दोनों बच्चे दूसरे रूम में सो रहे थे। चाची अक्सर घर में लोवर और टी-शर्ट पहनती थी, उस दिन टी.वी देखते-देखते उनकी आँख लग गई और वो वही सो गई थी। अब उनकी टी-शर्ट थोड़ी ऊपर उठ गई थी, वाउ क्या सीन था? अब मुझे उनका बेल्ली बटन दिख रहा था और नीचे से पेंटी की इलास्टिक भी दिख रही थी। अब यह सब देखकर मेरा लंड टाईट हो गया था। फिर मैंने डरते-डरते अपना एक हाथ उनके पेट पर रखा, वाउ क्या सॉफ्ट स्किन थी उनकी? फिर में धीरे-धीरे उनके पेट पर अपना एक हाथ फैरता रहा। फिर मैंने अपनी एक उंगली उनकी बेल्ली बटन में डाल दी। अब में मस्त हो गया था। अब में इसके आगे कुछ करता इससे पहले चाची का बेटा उठ गया और रोने लगा, तभी चाची उठी और मेरी तरफ देखकर चली गई थी। अब में डर गया था, लेकिन बाद में सब नॉर्मल रहा।

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फिर एक दिन बाद चाचा को बिजनेस के सिलसिले में 1 हफ्ते के लिए बाहर जाना पड़ा। अब मेरी तो लॉटरी लग गई थी। फिर जिस दिन चाचा बाहर गये, तब चाची कहने लगी कि क्या बात है बंटी इतना खुश क्यों है? तब मैंने कहा कि कुछ नहीं चाची बस ऐसे ही। फिर उस रात खाना खाने के बाद में बालकनी में आकर खड़ा हो गया। अब चाची भी बच्चों को सुलाकर मेरे पास आकर खड़ी हो गई थी, उन्होंने पिंक कलर का लोवर और स्लीवलेस टी-शर्ट पहना हुआ था। अब वो मेरे साथ बातें करने लगी थी। फिर इधर उधर की बातें करने के बाद जब में दूसरे रूम में सोने के लिए जाने लगा, तब चाची ने कहा कि बंटी आज इधर ही सो जा।

फिर इतना सुनते ही मेरा लंड टाईट हो गया, मैंने हाफ पेंट पहना हुआ था और अब मेरा लंड निकर फाड़कर बाहर आने को था। फिर में चाची के रूम में आ गया, उनके दोनों बच्चे झूले में सोते है। फिर में और चाची बेड पर लेट गये और बातें करने लगे थे। कभी-कभी साईड लेते हुए मुझे चाची की स्लीवलेस टी-शर्ट से उनकी ब्रा दिखती तो मेरा लंड टाईट हो जाता था। फिर बातें करते-करते कब नींद आ गई? हमें कुछ पता नहीं चला था। फिर रात को मेरी नींद खुली तो तब मैंने देखा कि चाची गहरी नींद में सो रही है, वो हल्की रौशनी में बहुत सुंदर लग रही थी। फिर में धीरे से उनके पास हुआ और अपनी एक टांग उनकी टांग पर रख दी और अपना एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया, वाउ क्या सॉफ्ट बूब्स था? अब में धीरे-धीरे उनके बूब्स को सहलाने लगा था। अब में तो मस्त हो गया था। अब मेरा लंड फुल टाईट हो गया था। तब इतने में चाची ने करवट बदली और मेरी तरफ पीठ करके सो गई। तब मैंने धीरे से अपनी एक टांग उनके ऊपर रखी और उनसे चिपककर लेट गया था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब ऐसा करने से मेरा लंड उनकी गांड की दरार में चला गया था। फिर में अपना एक हाथ आगे ले जाकर उनके बूब्स सहलाने लगा, में पहली बार किसी के साथ ऐसा कर रहा था। फिर मैंने पीछे से उनकी ब्रा के हुक खोल दिए और उनकी नंगी पीठ पर अपना एक हाथ फैरने लगा था। फिर मैंने अपना एक हाथ उनके लोवर के अंदर पेंटी के ऊपर रख दिया और ऊपर से ही रब करने लगा था। तो तब इतने में चाची उठ गई और मेरी तरफ देखने लगी थी। अब मेरा हाथ अभी भी उनकी पेंटी में था तो तब चाची मुझसे कहने लगी कि बंटी ये क्या कर रहे हो? तो तब मैंने झट से अपना हाथ बाहर निकाला और उनसे कहा कि कुछ नहीं चाची ऐसे ही देख रहा था कि ये नीचे से कैसे होती है? तो तब वो कहने लगी कि जब शादी होगी उसके बाद देख लेना, अब सो जा, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था?

फिर मैंने धीरे से अपनी एक टांग उनके ऊपर रख दी और उनके लोवर के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाते हुए कहा कि मुझे अभी देखनी है। तब उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया और कहा कि ये गलत है। फिर में उनके ऊपर लेट गया और उनको जबरदस्ती किस करने लगा था। तो तब पहले तो वो विरोध करने लगी, लेकिन थोड़ी देर के बाद वो गर्म हो गई और मेरा साथ देने लगी थी। अब मेरा भी हौसला बढ़ गया था। फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी टी-शर्ट के अंदर ले जाकर उनके बूब्स पकड़ लिए और उन्हें मसलने लगा था। अब वो और भी ज़्यादा गर्म हो गई थी और मेरे लिप्स सक करने लगी थी। फिर मैंने उनकी टी-शर्ट उतार दी। अब हल्की रौशनी में उनके बूब्स क्या मस्त लग रहे थे? मैंने पहली बार किसी औरत के बूब्स देखे थे। अब मेरे लंड का बुरा हाल था। फिर मैंने झट से उनका एक बूब्स पकड़ा और उसे चूसने लगा था। अब चाची को भी मज़ा आने लगा था। अब मुझे भी उनके बूब्स चूसने में बहुत मज़ा आने लगा था। फिर में बारी-बारी से चाची के दोनों बूब्स चूसता रहा। अब चाची भी मेरे बाल नोच रही थी और अया, अयाया की आवाज निकाल रही थी।

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फिर मैंने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर चाची की चूत पर रख दिया, उनकी पेंटी गीली थी। फिर मैंने उनका लोवर उतार दिया। अब वो भी मेरे निकर के ऊपर से मेरे लंड को सहला रही थी। फिर मैंने कहा कि जान इसे बाहर तो निकाल लो। फिर इतना सुनते ही उसने मेरा निकर निकाल दिया और झट से मेरे लंड को अंडरवियर से आज़ाद कर दिया था। फिर मैंने अपनी बनियान भी उतार दी। अब में चाची के सामने बिल्कुल नंगा था और उन्होंने सिर्फ़ पेंटी पहनी हुई थी। अब वो मेरे लंड को सहला रही थी। अब मेरा हाल बुरा हो गया था। फिर वो कहने लगी कि तुम्हारा तो उनसे भी बड़ा है। तब में हंसने लगा और बोला कि चाची इसे अपने मुँह में लो। तब चाची ने कहा कि ये गंदा लगता है। तो तब मैंने जबरदस्ती करना उचित नहीं समझा। फिर में उनकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उनकी चूत को सहलाने लगा और फिर मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी और चाची को चोदकर खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …

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