आंटी की बेटी को चोदने की आज्ञा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली आंटी को पटाया और उसे खूब चोदता था। फिर एक दिन मैंने आंटी की लड़की संगीता को पकड़ लिया और सिर्फ़ ऊपर का मज़ा देकर कह दिया था कि कल जब में तुम्हारी मम्मी को चोदूंगा तो तब तुम अपनी आँखों से पहले देख लेना कि तुम्हारी मम्मी कैसे चुदवाती है? और उसको कितना मज़ा आता है? इस तरह से तुम कुछ सीख भी जाओगी और तुम्हारी शर्म भी दूर हो जाएगी।

अब वैसे मेरी हरकतों से वो पूरी तरह खुल गयी थी और चुदासी भी हो गयी थी, मगर आंटी के आने का वक़्त हो चुका था, इसलिए में उसको नहीं चोदना चाह रहा था और आंटी की इजाज़त के बगैर उसको चोदना भी नहीं चाहता था, क्योंकि मुझे ज़्यादा उम्र वाली औरतों को चोदने में मज़ा आता है, मगर संगीता इतनी खूबसूरत थी कि में उसे चोदने को उतावला हो गया था। खैर फिर दूसरे दिन जब में आंटी के घर गया तो वो पिंक नाइटी में खुले बालों के साथ कयामत ढा रही थी। अब मैंने दिल ही दिल में सोच लिया था कि आज इसको चोदते वक़्त इसकी लड़की के बारे में भी बात कर लूँगा और फिर में बाथरूम करने के बहाने से संगीता के रूम में गया और उसकी चूची दबाते हुए कहा कि देखो में तुम्हारी मम्मी को चोदने जा रहा हूँ, तुम लाईव ब्लू फिल्म देखने को तैयार रहना और वापस आंटी के रूम में आ गया और अपने कपड़े खोलकर नंगा हो गया था।

अब आंटी भी अपनी नाइटी उतारकर सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में बैठी थी। फिर में भी पूरी तरह से नंगा होकर बिना किसी शर्म के उसके बगल में बैठ गया। फिर वो मेरे मुरझाए हुए लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी और मेरा हाथ पकड़कर अपनी बड़ी-बड़ी बलदार जैसी चूचीयों पर रख दिया। फिर में आहिस्ता- आहिस्ता सहलाने लगा। फिर मैंने हल्के से खिड़की की तरफ देखा तो संगीता अंदर झाँक रही थी, तो तब मैंने उसे आँख मारी। फिर मैंने आंटी की बड़ी-बड़ी चूचीयाँ दबाते हुए कहा कि आंटी जी आपका संगीता के बारे में क्या ख्याल है? तो तब उन्होंने कहा कि क्या मतलब, में कुछ समझी नहीं?

तब मैंने कहा कि अब वो भी 18 साल की हो गयी है और मुझे उसके इरादे अच्छे नहीं लगते, आप तो जानती ही है आजकल का माहौल कैसा है? कहीं ऐसा ना हो कि वो बाहर किसी लड़के से चक्कर चला ले। तब आंटी ने गुस्सा होते हुए कहा कि क्या मतलब है तुम्हारा? तुमने मेरी बच्ची को क्या समझ रखा है? अब तो मेरी गांड ही फट गयी थी। फिर मैंने सोचा कि क्या बहाना ले लिया बेकार का? अब कहीं ऐसा ना हो ये गांड पर ठोकर मारकर भगा दे और में लड़की चोदने के चक्कर में अम्मा से भी हाथ धो बैठूँ। फिर मैंने बात संभालते हुए कहा कि ऐसी बात नहीं है आंटी, में तो आपको बताना चाह रहा था कि आजकल का जमाना बड़ा खराब है। तब आंटी ने मुस्कराते हुए कहा कि मेरे चोदूं राजा में तो मज़ाक कर रही थी, मुझे क्या बता रहे हो जमाने के बारे में? अरे में तो खुद पता नहीं कितने लंड अपनी चूत में डलवा चुकी हूँ? मुझे पता है अब संगीता जवान हो गयी है, उसकी भी चूत में खलबली मचती होगी और यह हो भी सकता है कहीं उसका भी टांका भिड़ा हो, आजकल सब कुछ चलता है।

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फिर उनकी बात सुनकर मेरी जान में जान आई और मैंने उसे एक जोरदार किस करते हुए कहा कि ऊऊहहूऊओ मेरी रंडी तूने तो डरा ही दिया, मेरी तो गांड ही फट गयी थी, अब में एक बात और कहना चाहता हूँ। तब उसने कहा कि में जानती हूँ कि अब तुम क्या कहना चाहते हो? इतने दिनों से तुम्हारे लंड के धक्के खा रही हूँ, अब तो में तुम्हारी रग-रग से वाक़िफ़ हो चुकी हूँ, तुम यही कहना चाह रहे होना कि अब संगीता जवान हो चुकी है, उसे एक लंड की जरूरत है और उसकी जरूरत तुम पूरी कर सकते हो, है ना? तो तब मैंने डरते-डरते कहा कि हाँ, में यही कहना चाह रहा था, लेकिन डर रहा था। तब उसने कहा कि असल में कई दिन से में भी यही बात तुमसे कहना चाह रही थी, लेकिन अच्छा हुआ तुमने ही कह दिया, में अपनी फूल सी संगीता को तुमसे चुदवाने को तैयार हूँ और मुझे ख़ुशी भी हुई कि तुमने ये शुभ काम मुझसे पूछकर करना चाहा, वरना तुम बहुत चुदक्कड़ भी तो हो, तुम जानते हो किसी भी औरत को कैसे काबू में किया जाता है? फिर बेचारी संगीता तो अभी बच्ची है।

अब उधर संगीता खिड़की से सब बातें सुन रही थी और उसके चेहरे पर मुस्कान फैलती जा रही थी। तो तब ही आंटी ने कहा कि अब बातें बहुत चोद ली, कुछ करोगे भी या नहीं? तो तब मैंने तुरंत ही उसको वहीं बेड पर लेटा दिया और उसकी चूची को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा और अपना लंड उसकी चूत से सटाकर रगड़ने लगा था। फिर मैंने कहा कि आंटी आपकी झाँटे आजकल बहुत बड़ी हो गयी है, कब से नहीं बनाई? तो तब आंटी बोली कि बेटा आजकल वक़्त नहीं मिल पाता है, बनाऊँगी। तब में बोला कि आंटी आप तो जानती है कि मुझे चूत चूसना कितना पसंद है? लेकिन अब आपने झाँटे उगा रखी है। तो तब आंटी बोली कि बेटा बोला ना कल बना लूँगी, चलो अब तुम मेरी चूची छोड़कर अपना पसंदीदा काम करो, मेरी चूत को चाटो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में तो चूत चाटने का पूराना शौकीन हूँ, तो में तुरंत आंटी की फैली हुई चूत के नीचे 2 तकिए लगाकर अपने मुँह के सामने लाया और अपनी खुरदरी जीभ से उसकी बालों भरी चूत पर फैरने लगा और फिर गप से अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दी और अपने दोनों हाथ उसकी गांड के नीचे ले जाकर ऊपर की तरफ उठाकर अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा था। फिर जब वो पूरी तरह से चुदासी हो गयी, तो तब मैंने अपना दांव खेला और एक तरफ जाकर लेट गया। तब आंटी ने कहा कि हाए राजा क्या हुआ? तुमने चूत चाटना छोड़ क्यों दिया? अब तो मेरी चूत रस टपकाने वाली है और तुम हो कि अलग होकर लेट गये, आख़िर क्या हुआ? तो तब मैंने कहा कि आंटी मन नहीं कर रहा है। तब आंटी ने कहा कि मन को मारो गोली, सही-सही बताओं क्या बात है? तो तब मैंने कहा कि आंटी अगर आप बुरा ना माने तो एक बात कहूँ।

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फिर तब आंटी बोली कि अरे मेरे चोदूं जब चूत फैलाए तेरे सामने लेटी हूँ तो भला अब बुरा किस बात का मानूँगी? चल बता क्या बात है? तो तब मैंने कहा कि आंटी क्यों ना आज तुम्हारी बेटी को भी तुम्हारे साथ ही चोद डालूं तो कैसा रहेगा? तो तब आंटी एकदम से सकपकाकर बोली कि हाए राम कितने बदतमीज हो? तुम एक माँ से उसके सामने ही उसकी बेटी को चोदने को कह रहे हो। तब मैंने कहा कि तो क्या है? तो तब आंटी बोली कि उसकी सील तुम्ही से तुड़वाऊँगी, लेकिन अब तुम मेरे सामने ही उसे चोदने को कह रहे हो, तो भला ऐसा कैसे हो सकता है? तो तब मैंने कहा कि संगीता को राज़ी करना मेरा काम है। तब आंटी ने कहा कि चलो अगर वो राज़ी हो जाती है तो मेरा क्या जाएगा? अब आज तो मुझे चोदो और मेरी टपकती हुई चूत के रस को पी जाओ।

अब आंटी के राज़ी होने पर में बहुत खुश हो गया था और उससे बोला कि में अभी पेशाब करके आता हूँ, तुम अपनी भोसड़ी ऐसे ही फैलाए लेटी रहना और फिर खिड़की पर आकर संगीता से कहा कि अब तुम बेफ़िक्र हो जाओ, कल तुमको भी तेरी माँ के बेड पर लेटाकर उसके हाथ से तेरी चूत फैलवाकर अपना लंड तेरी चूत में पेलूँगा तो तब तुझे जन्नत का मज़ा आएगा, अभी तो तुम फिलहाल अपनी माँ की चुदाई देखकर अपनी चूत में उंगली ही डालकर खल्लास हो जाना और फिर मूतकर आने के बाद मैंने पहले आंटी की चूत चाटी और फिर अपना लंड उसके मुँह में डालकर खड़ा करवाया। फिर जब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया तो तब मैंने आंटी से कहा कि आज तुझे झूला आसान से चोदता हूँ, तुझको बहुत मज़ा आएगा मेरी रानी, चलो अब बेड से उतरो। तब आंटी की गांड फट गयी और बोली कि नहीं राजा उस आसन में मुझे बहुत दर्द होता है, उस आसन में चुदवाने से तभी मज़ा आता है जब लंड पतला या छोटा हो, मगर तुम्हारा लंड भी तो साला पूरा मूसल है और तुम चुदाई भी बहुत बेहरमी से करते हो, सरल आसन से चोद लो ना। तब मैंने कहा कि भोसड़ी वाली अब नाटक कर रही है, चल जैसा कह रहा हूँ कर, नहीं तो आज तेरी गांड भी फाड़ डालूँगा।

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फिर तब वो बोली कि बहनचोद तू मानेगा थोड़ी, करेगा अपने मन की ही भले ही मेरी गांड फट जाए, चल साले भडवे तू भी क्या याद रखेगा? आज देखती हूँ तेरे लंड में कितना दम है? और फिर में जमीन पर खड़ा हो गया। अब मेरा लंड छत की तरफ तनकर खड़ा था और आंटी अपने दोनों पैर मेरी कमर के दोनों तरफ फैलाकर मेरे लंड पर बैठ गयी थी और अपने चूतड़ को सेंटर में लाकर एक उछाल मारी। फिर मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गुफा में समा गया और फिर आंटी अपने चूतडों को ऊपर नीचे करने लगी। अब में भी उसी पोज़िशन में खड़ा था। अब आंटी ही धक्के लगा रही थी और अब संगीता खिड़की से अपनी माँ को चुदते हुए देख रही थी। अब उसकी भी हालत खराब हो रही थी और फिर कुछ ही देर में आंटी थक गयी और मुझसे बोली कि साले मादरचोद तू भी तो मेहनत कर, खाली खड़ा हुआ है, में ही धक्के लगा रही हूँ। तब मैंने कहा कि साली रंडी चूत मरानी, अभी तेरी गांड फाड़ता हूँ और ये कहकर में उसी पोजीशन में आंटी को लिए धड़ाम से बेड पर गिर गया। अब आंटी की पीठ बेड की तरफ थी और जब में गिरा तो उनकी चीख निकल गयी हाईईईई, आआआह, मार डाला साले कमीने, बहुत हरामी है तू, साले अपनी माँ को भी ऐसे ही बेदर्दी से चोदता है क्या? आआआअ, मादरचोद, भडवे, अयाया, मार डाला भोसड़ी वाले, बहुत जल्लाद है तू, पता नहीं मेरी फूल सी बच्ची की क्या हालत बनाएगा? में कह देती हूँ अगर तुने जरा भी हरामीपन दिखाया तो तेरी गांड पर लात मारकर भगा दूँगी।

अब में समझ रहा था कि बेड पर गिरने से आंटी की भोसड़ी तक मेरा मूसल लंड घुस गया है, इससे उसको बहुत तकलीफ़ हो रही थी और उसकी आँख से आँसू भी निकल रहे थे। अब वो अयाया, आह करके कराह रही थी और बाहर संगीता की यह सीन देखकर ही गांड फटी जा रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद ही आंटी नॉर्मल हो गयी और अब आंटी पूरी तरह से चुदाई के रंग में आ चुकी थी और अपनी गांड उठा-उठाकर धक्के मार रही थी और में भी गचा-गच आंटी को चोदे जा रहा था। अब तो वो मज़े की सिसकारी निकाल रही थी हाईईई, इसस्स्स्स्सस्स, अयययया राजा मज़ा आ रहा है और ज़ोर से धक्के मारो, प्लीज, जल्दी-जल्दी ताकत से धक्के मारो और फिर थोड़ी देर के बाद में झड़ गया। फिर दूसरे दिन आंटी से ही संगीता की नन्ही सी चूत को फैलाकर उसमें अपना मोटा लंड पेलकर उसकी दमदार चुदाई की और माँ बेटी के साथ खूब मजे लिए ।।

धन्यवाद …

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