मैंने मौसी की गांड भी मारी

हाय सेक्स की स्टोरी antarvasna पढनेवाले मेरे दोस्तों, कैसे हो आप? मैं इस साइट का नियमित वाचक हूँ और इस साईंट का बड़ा फेन भी. मैंने यहाँ ऑलमोस्ट सब कहानियाँ पढ़ी हे. मैंने सोचा की क्यूँ ना अपनी आपबीती भी दुसरो के साथ शेयर करूँ. मेरा नाम समीर हे और मैं पुणे में जॉब करता हूँ. मैं वैसे औरंगाबाद से हूँ. मेरा लंड का साइज़ कभी नापा तो नहीं हे लेकिन 6 इंच या उस से बड़ा ही होगा.

आज की ये कहानी मेरी सगी मौसी की हैं. मेरी मौसी का नाम शिप्रा हे और उनका फिगर एकदम सेक्सी हे. बूब्स और गांड बड़े हे और बिच में कमर वाला हिस्सा अंदर को हुआ पड़ा हे. वो एक हाउसवाइफ हे. उनके बूब्स ऐसे सेक्सी हे की उन्हें देख के कोई भी उन्हें दबाना चाहे और गांड भी सलवार फंसने के समय बड़ी सेक्सी लगती हैं. मैं घर का लड़का हूँ इसलिए गांड में फंसी हुई सलवार अक्सर देखने को मिल जाती हैं.

मेरे मौसा जी एक सरकाई जॉब करते हैं. उनके ऑफिस में एक लड़की से उन्हें प्यार हो गया हैं. और ये बात मौसी को पता चली तो उन्होंने उनसे खूब झगड़ा किया तो वो उन्हें डिवोर्स देने की धमकी देने लगे और उन्होंने कहा मैं तुम्हे छोड़ के उस लड़की के साथ शादी कर लूँगा. मेरी मौसी जो मेरे से पहले से ही ज्यादा क्लोज थी उन्होंने मुझे सब कुछ बता दिया. और उन्होंने मुझे अपनी हेल्प करने को कहा.

तो मैंने अपने मौसा जी को समझाया और मैंने उस लड़की के घर पर भी अननॉन नम्बर से कॉल कर के उन्हें सब बता दिया. वो लड़की के घरवालो ने लड़की को जॉब बंद करवा दी. फिर धीरे धीरे कर के अंकल भी ठीक हो गए. इस बात से मौसी बहोत खुश थी. और 1 दिन मुझे खाने पे बुलाया उन्होंने. जब मैं रात में घर पे खाना खाने गया तो मौसा जी कुछ काम से आउट ऑफ़ सिटी गए हुए थे. मैंने जब घर पहंचा तो मौसी मुझे से मिली और वो बहुत खुश थी. और मौसी ने मुझे थेंक यु बोला.

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बाद में हमने खाना खाया और बातें करने लगे. जब बहोत देर हो गई तो मैं घर के लिए निकल रहा था. तो मौसी ने मुझे रोक लिया क्यूंकि मेरा घर वहां से बहुत दूर था. और उन्हें भी रात में अकेले रुकने से डर लगता था. तो मैं मान गया और घर पर कॉल कर के बोल दिया की मैं मौसी के पास ही रुकने वाला हूँ.

फिर हम और बातें करने लगे. मौसी ने मुझे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में भी पूछा. तो मैंने बताया की एक गर्लफ्रेंड हे मेरी. तो उन्होंने पूछा की किस किया हे उसको कभी? तो मैंने शर्मा के कहा हां किया हे लेकिन बस एक बार. तो वो और भी इंटरेस्ट ले के पूछने लगी और क्या किया? तो मैं समझ गया की वो सुन के गरम हो रही थी. तो मैंने सीधे ही कहा की बहोत कुछ चाहता हूँ मगर वो कुछ करने नहीं देती हैं. फिर उन्होंने बात काट दी और सोने के लिए बेडशीट बिछाई और कहा की तू भी यही सो जा बेड पर. फिर हम लेट गए लेकिन हम में से किसी को भी नींद नहीं आ रही थी.

फिर मौसी ने बात को फिर से स्टार्ट किया. और वो बोली, तेरा सब कुछ से क्या मतलब हैं? मैंने कहा सब कुछ जैसा आप मौसा जी के साथ करते हो. तो उन्होंने कहा की वो कुछ भी नहीं करते! और ये कह के मेरी आँखों में देखने लगी मौसी. मैं भी उनकी आँखों में देखने लगा. वो आँखे बंद कर के सोने लगी. मैंने उनके फेस पर हाथ रखा. वो उठ गई और मुझे कहने लगी ये क्या कर रहा हैं?

मैंने कहा मौसी आई लॉ यु! और मैं उनके बालो में हाथ फिराने लगा. उन्होंने मेरे हाथ को हटा दिया और उठ कर बैठ गई. मुझे कहा की मैं तेरी मौसी हूँ और ये सब गलत हैं. और वहां से जाने लगी तो मैंने कहा आप कही मत जाओ मैं चला जाता हूँ यहाँ से. और मैं जाने लगा तो वो मेरा हाथ पकड के कहने लगी ये गलत हे मैं तेरा मौसा को चिट नहीं कर सकतीं हूँ. तो मैंने कहा मौसा आप को चिट कर रहे तो उन्हें ये नहीं सोचा था. तो वो कहने लगी ये गलत हैं किसी को पता चल गया तो अच्छा नहीं होगा.

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मैंने कहा की किसी को पता नहीं चलेगा. तो वो नजरें निचे करने लगी. मैंने अपने हाथो से उसका चहरा ऊपर उठाया और किस करने लगा. पहले वो साथ नहीं दे रही थी. फिर वो भी मेरा साथ देना लगी. फिर मैंने उन्हें बेड पे लिटा दिया. और नेक के ऊपर किस करनी चालू कर दी. और अब मैं मौसी के ऊपर चला गया. धीरे धीरे से मौसी के सारे कपडे उतार दिए. और मैं खुद भी पूरा नंगा हो गया. मेरी मौसी मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी. क्या बताऊँ दोस्तों क्या माल लग रही थी. फिर मैंने उनकी बॉडी पर हर जगह किस किया और बाईट किया. उन्होंने मेरे लंड को पकड़ के अपनी चूत की तरफ इशारा किया और कहा बहुत दिनों से तडप रही हूँ शांत कर दे इसकी आग को प्लीज़!

मैंने धीरे से अपना लंड अन्दर डाला वो चिल्ला उठी. फिर थोड़ी देर वेट कर के मैंने दुबारा अंदर डाला. इस बार पूरा लंड अंदर चला गया. और वो सिहर उठी. मैंने धीरे धीरे स्ट्रोक देना चालू किया. हम दोनों सातवें आसमान पर थे. फिर थोड़ी ही देर में वो झड़ भी गई और मैंने अपने स्ट्रोक चालू रखे.

कुछ देर मौसी की फास्ट चुदाई के बाद जब मेरा निकलने को था तो मैंने कहा कहाँ निकालू मौसी? तो बोली अंदर ही डाल दो सब. फिर मैं मौसी की चिकनी चूत में ही डिस्चार्ज हो गया. मैं उसके ऊपर ही लेट गया और मौसी की चूत में मेरा लंड अभी भी ऐसे ही फिट था. एक मिनिट के बाद मौसी उठी और मेरा सेमी इरेक्ट लंड उसकी चूत से बहार आ गया. मौसी ने उसे अपने मुहं में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

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मौसी के होंठो का जादू चलने लगा था. मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था. अब की बार मेरा मन मौसी के पीछे यानी की गांड में लंड देने को कर रहा था. लेकिन मौसी ने कहा पीछे नहीं समीर, वहां पर तो बहुत दर्द होता हे. लेकिन मैंने मौसी को बहुत फ़ोर्स किया तो वो गांड मरवाने के लिए रेडी हो गई.

मैंने उसे उल्टा कर के घुटनों के बल पर कुतिया जैसे खड़ा कर दिया. और पीछे से अपने लंड को मैं उसके होल पर घिसने लगा. मौसी की गांड से स्मेल भी आ रही थी. और मैंने थूंक दिया होल के सेंटर पर ही. मौसी अह्ह्ह अह्ह्ह कर उठी जब मैंने थूंक से चिकने लंड को अन्दर किया. सुपाडा ही अंदर घुसा था लेकिन मौसी दर्द से छटपटा रही थी.

पर मैंने गांड मारने के पुरे मूड में था. मैंने मौसी को कंधे से पकड लिया और धक्का दे के अपने लंड को आधे से भी ज्यादा गांड में उतार दिया. मौसी की तो सांस ही अटक चुकी थी जैसे. वो अह्ह्ह्ह उईईईइ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह करने लगी थी. मैंने बूब्स को मसल के उसके कंधो को किस किया. और फिर एक और बेदर्दी झटका दिया. मौसी की गांड में मेरा पूरा लंड फिट हो चूका था. वो बेहाल हो चुकी थी दर्द की वजह से. मैंने लंड के निचे वाले हिस्से में थोडा और थूंक दिया. और फिर मैं हौले हौले से लंड को मौसी की गांड में अन्दर बहार करने लगा. मौसी को भी एक मिनिट और पेन हुआ लेकिन फिर वो एन्जॉय करने लगी थी.

अपने कुल्हे हिला हिला के वो गांड मरवा रही थी. 10 मिनिट गांड मारने के बाद मैंने अपने लंड के बिज निकाल दिए. मौसी थक चुकी थी. हम एक दुसरे से लिपट के सो गए.

सुबह में वो मेरे लिए कोफ़ी और पव्वा ले के आई. और उसने मुझे कहा की किसी को कुछ बोलना मत और जब भी तेरा मन करे तो हम सेक्स करेंगे!

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