भाभी की चूत का नमकीन टेस्ट

नमस्कार दोस्तों, मेरा antarvasna नाम प्रवीण है और kamukta मैं मुम्बई में रहता हूँ दोस्तों कहानी शुरू करने से पहले बता दूँ की शादीशुदा औरते सेक्स के लिए ज्यादा परफेक्ट होती है यकीन मानिये दोस्तों उनके साथ सेक्स करने का मज़ा ही कुछ और होता है। कुछ लोग समझते है की डर्टी सेक्स करने का मज़ा क्या होता है दोस्तों डर्टी सेक्स करना मतलब चुदाई के समय गंदी गंदी बातों के साथ चूत को चोदना होता है जिसे मैं सबसे ज्यादा पसंद करता हूँ।

ये कहानी मेरी पड़ोसन भाभी की है जिसका नाम है गीता उसकी उम्र 30 साल है और एक 4 साल के बच्चे की माँ भी है उनके पति कोई प्राइवेट कंपनी में काम करते है भाभी के बारे में आपको क्या बताऊँ यारों वो तो इतनी सेक्सी फिगर की वाली है की देखते ही उसको चोदने का मन करेगा। न ज़ाने उनको सोचकर कितनी बार मैंने मूठ मारी है भाभी का हमारे घर पर अक्सर आना जाना रहता था। मैं कॉलेज भी जाता हूँ एक दिन रविवार को मैं घर पर अकेला था और कुछ सेक्सी मूवी देख रहा था तो मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था तो उसी समय दरवाजे की घंटी बजी तो मैं थोड़ा चौंक गया और लंड पूरा पेंट के अंदर तम्बू बनाकर खड़ा था पता नहीं कौन है यह सोचकर लंड को थोड़ा पेंट के अंदर सेट करके दरवाजा खोला, तो देखा गीता भाभी थी वो भी बिना बांहों के टॉप में यार, उनको देखकर लगा की अभी पकड़कर इनको पूरा चूस लूँ, लेकिन थोड़ा अपने आप पर काबू किया और भाभी से पूछा क्या काम है भाभी? तो वो बोली तुम्हारे भैया एक हफ्ते के लिए बाहर गये है और तुम कल से मेरे बेटे को स्कूल छोड़ के आ सकते हो क्या? तो मैंने सोचा ये बहुत अच्छा मौका है भाभी को फंसाने का, तो मैंने हाँ में जवाब दिया और उनके घर पर आने को कहा, फिर भाभी बोली घर पर कोई नहीं है क्या? तो मैं बोला नहीं भाभी सब लोग 4 दिन बाद आएँगें, तो भाभी बोली अकेले कहाँ खाना खाओगे, तो मैं बोला कोई बात नहीं भाभी मैं होटल पर खा लूँगा। तो भाभी बोली होटल पर क्यों मेरे घर पर ही खा लेना वैसे भी मैं अकेली ही हूँ। तो मैंने हाँ कर दिया और भाभी चली गई। फिर मैं सोचने लगा कैसे भाभी को पटाया जाए तो मैंने दोपहर का खाना खाने जाने से पहले नहा धोकर अच्छे कपड़े पहने और दुकान पर गया वहाँ से मैंने भाभी के लिए एक बढ़िया सा परर्फ्यूम ख़रीदा और बच्चे के लिए चोकलेट लेकर गया, जैसे ही मैं भाभी के घर पहुँचा तो भाभी को देखते ही मेरे लंड पर झटका लगा वो अभी थोड़ी देर पहले ही नहाई थी और उनके बाल भीगे हुए थे और उन्होंने एक टॉप और केपरी पहनी हुई थी भाभी को देखकर लग रहा था जैसे कोई आसमान से परी उतर आई है। फिर मैंने भाभी को गिफ्ट दिया तो वो बोली इसकी क्या जरूरत थी तो मैं बोला की आप मेरे को खाने पर बुला सकती हो, तो मैं आपको इतना सा गिफ्ट भी नहीं दे सकता क्या, तो वो मुस्कुराई और बोली आपका बहुत बहुत धन्यवाद, तो मैं बोला ओके. फिर फिर हम लोग बातें करने लगे ऐसे हीl

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मैं :- भाभी आज आप बहुत अच्छी लग रही हो।

भाभी :- तुम भी बहुत अच्छे लग रहे हो l

मैं :- भाभी आपकी शादी को कितने दिन हो गये?

भाभी :- इस साल 6 साल होने वाले है।

मैं :- क्या बात कर रही हो आप, आपको तो देखकर तो लगता ही नहीं की आप इतनी उम्र की होगी।

भाभी :- हाँ हाँ (हँसकर) तो कितनी उम्र की लगती हूँ मैं?

मैं :- भाभी आपने अपने आपको इतना संभालकर रखा है और फिगर से आप तो मुझसे भी बहुत जवान लगती हो, आप बहुत सुंदर हो।

भाभी :- ऐसा है क्या, तारीफ़ ही करोगे की अपने बारें में भी कुछ बताओगे, बताओ कॉलेज लाईफ कैसे चल रही है और कोई गर्लफ्रेंड है की नहीं?

मैं :- नहीं भाभी मुझे कौन लड़की पसंद करेगी, मैं थोड़ा भाभी के मुहँ से सुनने के लिए बोला था।

भाभी :- मुस्कुराकर, क्यों तुम तो बहुत हैंडसम हो तुम्हें कौन पसंद नहीं करेगा, और वो बोली तुम्हारे भैया की मेरी साथ अरेंज मेरिज हुई थी।

मैं :- भैया कितने लकी है अरेंज मेरिज में भी आप जैसी सुन्दर बीवी मिली है।

भाभी :- इतनी भी सुन्दर नहीं हूँ मैं, इतनी भी तारीफ मत करो।

मैं :- नहीं भाभी आप बहुत सुन्दर हो आपको पता नहीं अगर आप जैसा कोई मेरी लाईफ में आ जाए तो मैं शादी कर लूँगा।

भाभी :- हँसते हुए बोली तुम कितनी अच्छी बातें करते हो शायद तुमसे पहले मिलती तो मैं भी थोड़ा सोचती, मज़ाक में बोली।

मैं :- काश भाभी ऐसा होता।

भाभी :- वैसे तुम उस दिन लैपटॉप पर क्या देख रहे थे मैंने पीछे से कुछ देखा था।

मैं :- मैं चौंक गया और बोला भाभी यह उम्र का असर है।

भाभी :- क्या तुम मुझे भी दिखा सकते हो ऐसी फिल्म।

मैं :- मैं तो खुशी से झूम उठा और बोला भाभी क्यों नहीं आप बोलोगे तो अभी लैपटॉप लेकर आता हूँ।

भाभी :- वो बोली अभी नहीं, लंच कर लेते है आज दोपहर को देखेंगे जब मेरा बेटा सो जाएगा।

मैं :- ठीक है भाभी, परन्तु अगर मैं देखते देखते आउट ऑफ कंट्रोल हो गया तो…

भाभी :- तो मैं तुम्हें कंट्रोल पर ले आउंगी।

मैं :- मेरी खुशी की ठिकाना नहीं रहा फिर लंच करके कमरे पर आ गया और लैपटॉप लेकर 1 घंटे बाद भाभी के पास चला गया।

फिर भाभी ने दरवाजा खोला तो मैं अंदर आ गया और भाभी बोली चलो बेडरूम पर चलते है और उनका बच्चा सो गया था एक बेडरूम पर, फिर भाभी और मैं थोडी दूरी पर बातें करते हुए मैंने एक सेक्सी पॉर्न वीडियो चालू कर दी जहाँ पर एक लड़का और एक शादीसुदा औरत के साथ सेक्स कर रहा था, वो दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे लड़का औरत को पूरी नंगी बेड पर लेटाकर पूरे बदन पर किस कर रहा था। ये सब देखते देखते मैं थोड़ा भाभी के करीब आया, इतने में भाभी भी मेरे थोड़ा पास आई और मैंने एक हाथ से भाभी की गांड को थोड़ा सहलाया तो भाभी आहह कर उठी और बोली क्यों ना हमलोग भी ऐसे ही करे। उनके ऐसे बोलते ही तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं भाभी पर टूट पड़ा भाभी को पूरा जकड़ लिया और उनकी गर्दन कंधे पर किस करने लगा, भाभी की सांसे तेज़ होने लगी मैं उनके होठों को किस करने लगा और उनकी गरम जीभ को चूसने लगा। फिर धीरे धीरे मैं भाभी के एक एक कपड़े को उतारने लगा पहले टॉप उतारी, यार क्या सेक्सी बदन है भाभी का क्या बड़े बड़े बूब्स पूरे टाईट हो गये थे भाभी ने ब्रा नहीं पहनी थी। फिर मैंने भाभी की केपरी भी खोल दी और अब भाभी सिर्फ पेंटी में थी भाभी का ये बदन देखकर क्या बताऊँ यारों अपने आप पर काबू नहीं हो सका, ऐसा सेक्सी बदन शायद किसी औरत का हो उफफ्फ़… फिर मैं उनके ऊपर के पूरे शरीर को चूसने और चाटने लगा भाभी ने मुझे अपनी बाहों में पूरा जकड़ लिया था और फिर मैं उनको बेड पर लाया उनकी बांहों को चूमने लगा और धीरे से काटा तो भाभी आहह… आउच करने लगी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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फिर मैं भाभी के बूब्स को चूसने लगा बूब्स के निप्पल को खींचने लगा अपने होठों से और फिर छोड़ा फिर खींचा फिर छोड़ा, भाभी बोली कितना मज़ा आ रहा है, तो फिर मैं अपनी एक उंगली भाभी की चूत के पास लेकर गया और उनकी रसभरी चूत में उंगली करने लगा और मुहँ से बूब्स को चूसने लगा। भाभी पूरा चींख पड़ी और गंदी गंदी बातें करने लगी बोली खा जा साले पूरा खा जा, भाभी की मुहँ से ऐसी बातें सुनकर मैं और भी उत्तेजित हो गया। मैं दोनों बूब्स को एक बच्चे की तरह निचोड़ निचोड़कर चूस रहा था और चूत के अंदर उंगली घुमा घुमाकर चूत को खुज़ला रहा था। भाभी इतने में ही एक बार झड़ गयी फिर मैं भाभी के पेट को चाटने लगा और चूसने लगा भाभी बोलने लगी काटकर खा जा बहनचोद तू पहले क्यों नहीं मिला मुझे, मैं भी बोला साली रंडी पहले तूने कहाँ बुलाया, मैं तो कब से तेरे नाम की मूठ मार रहा था। फिर मैंने भाभी को उल्टा लेटाया और उसकी गर्दन और पीठ को चुमने लगा और भाभी की गांड पर चांटा मारा भाभी आउच बोलकर चिल्ला उठी मैं भी भाभी के सेक्सी बदन को पूरा चाट रहा था। फिर मैंने भाभी की पेंटी उतार दी अब भाभी पूरी तरह से नंगी थी, ये देखकर तो मेरे होश ही उड़ गये, क्या चूत और गांड थी भाभी की, एकदम गोरा बदन जिसे देखकर मैं अपने होश खो बैठा, फिर मैं भाभी की गांड को चाटने लगा और काटने लगा पूरा ज़ोर ज़ोर से, भाभी तो पूरी बेसुध होकर गंदी गंदी बातें करने लगी। खा जा मेरे राजा कितना मज़ा आ रहा है फिर मैं भाभी की गांड के छेद के सामने मेरी नाक लाकर उसकी महक लेने लगा और जीभ से चाटने लगा, बोलने लगा भाभी क्या गांड है तेरी साली, आज तो मैं पूरा खा ही जा जाऊंगा इसको। मैं पूरी गांड और गांड के छेड़ को जीभ से चाटने लगा और गांड पर उंगली घुसाकर उसको चूसने लगा, तो भाभी बोली वो भी चूसना है।

ऐसे करते करते भाभी बोली साले बहनचोद मैं तेरा लंड चुसुंगी तो मैं बोला ठीक है भाभी, तो भाभी बोली साले रंडी की औलाद क्या भाभी भाभी लगा रखा है तुने, तो मैं बोला साली रंडी बहनचोद तू आजा 6-9 की पोज़िशन पर मैं तेरी चूत चाटूंगा और तू मेरा लंड चुसना फिर मैं भी पूरा नंगा हो गया और भाभी मेरे लंड को देखकर बोली साले मादरचोद तेरा लंड तो मेरे पति के लंड से भी बहुत बडा है है रे… तो मैं बोला सच, वो बोली हाँ रे बहनचोद… फिर भाभी ने मेरे ऊपर आकर अपनी चूत को मेरे मुहँ पर रख दिया और मेरे लंड को वो मुहँ में लेकर चूसने लगी, मैं भाभी की चूत का पूरा रस पीने लगा और जीभ को और अंदर तक चूत में घुसाया, उफ़फ्फ़… क्या मस्त नमकीन टेस्ट था यार चूत का, पूरी की पूरी रस से भरी हुई थी भाभी मेरे लंड को चूसते चूसते बोली चाट ले मेरी चूत को बहनचोद मैं भी बोला हाँ साली रांड़ तेरी रंडी चूत को आज पूरा खा रहा हूँ।

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मैं चूत के साथ भाभी की गांड की छेड़ को भी चूसने लगा और चाटने लगा, और गंदी गंदी बातें करने लगा, भाभी बोली मेरे को सेक्स के समय गंदी बातें करना बहुत पसंद है। तो मैं भी बोला साली रंडी असली चुदाई तो गंदी बातों के साथ होती है। भाभी ने मेरे लंड को पूरा मुहँ में भरने के लिए कोशिश की परन्तु पूरा आ ही नहीं रहा था तो ऊपर से नीचे तक चाटने लगी मेरी गांड को भी चाट रही थी आह्ह… गांड को चटवाने में किता मज़ा आ रहा था, फिर भाभी बोली अब रहा नहीं जा रहा मादरचोद, चोद मुझे, भाभी की बात सुनकर मैंने उनकी दोनों टांगे मेरे कंधे पर रखी और उनकी चूत पर अपना लंड घुसाने लगा मेरा लंड घुसते समय भाभी को दर्द हो रहा था, बोलने लगी थोड़ा धीरे कर बहन के लौड़े पर मैंने सुना नहीं और एक ज़ोर से धक्का मारा तो लंड पूरा अंदर घुस गया और भाभी चींख पडी फिर मैं धीरे धीरे भाभी की चूत को चोदने लगा और भाभी को अब चुदाई का मज़ा आने लगा।

मैं :- ले साली रंडी मेरा लंड ले तेरी चूत में।

भाभी :- चोद मादरचोद चोद।

मैं :- चोद तो रहा हूँ साली रंडी तेरी चुत को, क्या चूत बनाई है साली तूने रंडी।

भाभी :- आहह… चोद साले चोद और ज़ोर से मेरे निप्पल को खा जा।

मैं :- क्यों साली तेरा पति नहीं चोदता है क्या तुझे?

भाभी :- अरे बहनचोद ऐसी चुदाई तो उसका लौड़ा कभी ना कर पायेगा।

मैं :- आहह… साली तेरी चूत क्या मस्त माल है, इस चोदने में कितना मज़ा आ रहा है।

भाभी :- चोद दे साले इस चूत की भूख मिटा दे बहनचोद।

मैं :- हाँ साली तेरी चूत का मजा ही कुछ और है।

भाभी :- चोद बहनचोद, चोद मादरचोद चोद ऐसे ही चोद।

फिर मैं भाभी को चोदते चोदते उनके बूब्स गर्दन सबको चुमने लगा और डर्टी बातें करने लगा।

और फिर ऐसे ही मैं 30 मिनट तक भाभी को चोदता रहा अलग अलग पोज़िशन पर पता नहीं भाभी कितनी बार अपनी चूत का पानी छोड़ चुकी होगी। फिर चुदाई होने के बाद भाभी बोली ऐसी चुदाई उन्होंने जिंदगी में नहीं करी ना देखी, इतना मज़ा उसको कभी नहीं आया, ऐसी भाभी से मेरी दोस्ती हो गई और अब जब भी मौका मिलता है तो मैं भाभी को चोदने के लिए उनके घर चला जाता हूँ।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!

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