तड़पती आंटी जाने अंजाने में चुदी

हैल्लो दोस्तों, कामलीला antarvasna डॉट कॉम के प्यारे पाठकों को मेरा सेक्स भरा नमस्कार, दोस्तों कैसे हो आप सब? मज़े से होंगे और अपने लंड से चूत चोद रहे होंगे और किसी भाभी या आंटी की गांड फाड़ रहे होंगे, दोस्तों मेरा नाम जय है और आप सबके लिए मैं एक हॉट और मस्त मजेदार सेक्स कहानी लेकर आया हूँ, जिसमें मैंने अपनी पड़ोस में रहने वाली आंटी की चूत की तड़प को अच्छे से चोदकर शांत किया था, ये कहानी एकदम सच्ची घटना है और मेरी पहली चुदाई की कहानी है तो चलिए दोस्तों अब कहानी को शुरू करते है और अपने लंड को हिलाकर पानी निकालते है और आंटियां और भाभियाँ अपने मोटे भोसड़े में गाजर मूली डालकर अंदर तक हिलाती रहे ताकि उनको कहानी पढ़ने में भी मज़ा आये।

दोस्तों बात उस समय की है जब मैं 20 साल का होने वाला था मेरे घर के पास ही एक बहुत ही खूबसूरत आंटी रहती थी जिसका नाम रूपल था और उसने अपने घर में ही एक लेडीस टेलर की शॉप खोल रखी थी उसके घर में एक वो उसका पति और उसके दो बच्चे रहते थे एक लड़की जो बड़ी थी और एक छोटा लड़का था। रूपल आंटी बहुत ही हॉट और सेक्सी है उसकी इतनी उम्र हो गई है पर आज भी उसको देखते ही लंड उसे सलामी देने लग जाता है जब कभी मैं उनकी शॉप पर जाता हूँ तो मुझे हर बार उनके 34 के गोरे गोरे बूब्स दिख जाते है और उनके बूब्स दिखते ही मेरा लंड झट से खड़ा हो जाता था फिर मैं अपने घर पर आता और उनके नाम की मूठ मारता, उनको चोदने का मेरा बहुत दिल करता था पर मैं सिर्फ़ मूठ मारकर ही अपना काम चला लेता था उनके पति का नाम दिनेश था जो जो की एकदम काले रंग के थे सच में उन दोनों की जोड़ी बिल्कुल भी मैच नहीं करती थी उन दोनों की हर रोज लड़ाई होती रहती थी रूपल आंटी उन्हें ज़रा भी पसंद नहीं करती थी। कुछ दिन पहले मैं आंटी के घर गया मुझे कुछ काम था मैं हर बार की तरह सीधा अंदर चला गया क्यूंकि शॉप बंद थी घर जैसे ही घुसा तो घर में कोई नहीं था मैं सोच रहा था की घर खुला है और घर पर कोई भी नहीं है फिर मुझे अचानक से रूपल आंटी के रोने की आवाज़ आई मैं भागकर उस कमरे में गया तो मुझे देखकर वो चुप होने लग गई मैं उनके पास गया और उनसे रोने का कारण पूछा तो आंटी तभी मेरे गले से लिपट गई और ज़ोर ज़ोर से रोने लग गई मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मैं क्या बोलूं, आंटी ने कहा जय मैं बहुत दुखी हूँ तुम्हारे अंकल एक नंबर के नामर्द है उनसे सेक्स नहीं होता और मैं सेक्स के लिए बहुत ज़्यादा तड़प रही हूँ मुझे सेक्स करना है मेरा पूरा जिस्म सेक्स के लिए तड़प रहा है।

READ  रंजना भाभी की चुदाई

ये कहते ही उन्हें अचानक से होश आ गया और बोली हाय भगवान मैंने ये तुमसे क्या कह दिया बेटा प्लीज़ ये बात किसी को मत बताना वरना मेरी बहुत बदनामी होगी प्लीज़, मैंने कहा नहीं आंटी आप मुझ पर विश्वास कीजिए मैं किसी को इस बारे में नहीं बताऊंगा पर अगर आप चाहो तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ मेरी बात सुनते ही आंटी बोली कैसे? मैंने कहा देखिये मैं आपकी सेक्स की प्यास को शांत कर सकता हूँ आप मेरे साथ सेक्स कर लीजिए, किसी को शक तक नहीं होगा और आप मेरे ऊपर आसानी से विश्वास कर सकती हो और मैं भी कब से आपको चोदने की फ़िराक में था आपकी चूत और गांड ने मेरा जीना हराम कर रखा है मैं रोज़ आपके नाम की मुठ मारता हूँ, ये सुनते ही उनकी आँखो में चमक आ गई जिसे देखते ही मैं समझ गया की मेरा काम बन गया है फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया जिससे मुझे एक ज़ोर का झटका सा लगा आंटी ने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मैंने भी उनकी गर्दन और दोनों होंठो को काफ़ी अच्छे से चूसा, तभी आंटी ने मेरे मुहँ में अपनी जीभ डाल दी जिससे मस्ती का माहोल और भी मस्त हो गया मैं ज़ोर ज़ोर से उनकी चिकनी जीभ को चूसने लग गया फिर ना जाने कब मेरा हाथ उनके बूब्स पर चला गया और फिर उन्होंने अपना कुर्ता उतार दिया कुर्ता उतारते ही मेरे सामने वो काले कलर की ब्रा में आ गई मैंने झट से उनकी ब्रा को भी उनके मस्त जिस्म से अलग कर दिया और ज़ोर ज़ोर से दोनों बूब्स को चूसने लग गया बूब्स के चूसने के बाद आंटी ने अपनी सलवार भी उतार दी उनकी पिंक कलर की पेंटी में उनकी गोरी गोरी चूत काफ़ी अच्छी लग रही थी। मैंने 30 सेकेंड में ही उनकी पेंटी को उतार दिया उनकी चूत में से रस निकल रहा था मेरी जीभ अपने आप ही आंटी की चूत के पास चली गई और मैं आंटी की चूत को चाटने लग गया आंटी की चूत का रस बहुत ही कमाल का था जिसे मैं पागलो की तरह चाट चाटकर पी रहा था। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

READ  बहन को बीवी बनाकर ठोका

उसके बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया क्यूंकि आंटी खुद ही कह रही थी की मेरी चूत की आग को अब तुम अपने लंड से बुझा दो जल्दी से, मैंने अपना लंड उनकी गीली चूत पर रखा और उनके ऊपर लेट गया मेरा लंड उनकी चिकनी चूत पर लगा हुआ था फिर आंटी ने मेरे दोनों कूल्हों पर हाथ रखा और खुद ही मेरे लंड को अपनी चूत में लेने लग गई उनकी चूत काफ़ी गरम थी आख़िर मैंने एक धक्का मारा जिससे मेरा लंड उनकी चूत में घुसता चला गया दो तीन धक्को में मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर था, ऊपर से मैं उनके दोनों बूब्स को बारी बारी से चूस रहा था मेरे दांत उनके बूब्स के निप्पल को काट रहे थे जिससे आंटी को बहुत दर्द हो रहा था पर मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा था मैंने अब अपनी स्पीड को तेज कर दिया जिससे उनकी चूत में मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर होने लग गया आंटी भी अब मेरे लंड के पूरे मज़े ले रही थी वो नीचे से अपनी मोटी गांड को ज़ोर ज़ोर से उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत की गहराई में ले रही थी और कमरे में फच फच की आवाजे आ रही थी उनकी चूत से थोड़ा थोड़ा सफ़ेद रस टपक रहा था जिससे मेरा लंड बड़े ही आराम से उनकी चूत के बराबर अंदर बाहर हो रहा था दोस्तों कभी मैं उनकी चूत के होंठों पर अपना लंड रगड़ता तो कभी उनकी चूत के अन्दर तेज़ी से झटके देता जिससे अचानक उनका पूरा जिस्म अकड़ गया और उनकी चूत के सफ़ेद पानी ने मेरे लंड को पूरा गीला कर दिया और फिर उनकी चूत की गरमी भी मेरा लंड सह न सका और मेरे लंड का पानी भी निकल गया।

READ  वो मस्त मंदाकिनी थी

तो दोस्तों इस तरह मैंने अपनी पड़ोस की रूपल आंटी की चुदाई करी थी और आज भी मैं उनकी चूत को शांत करता हुआ आ रहा हूँ और इसमें मुझे और उनको खूब मज़े भी आते है।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!

Antarvasna Hindi Sex Stories © 2016