बॉयफ्रेंड के चक्कर में भाई से चुदवाया

हाय फ्रेंड्स, मैं antarvasna अंजली आज अपनी पहली कहानी आप सबको बताने जा रही हूँ ये एक सच्ची कहानी है क्यूंकि आज मैं सच में एक रंडी ही बनकर रह गई हूँ ये कहानी मैं इसलिए लिख रही हूँ ताकि आपको भी पता चले की ऐसा भी कभी हो सकता है। अब मैं आपका ज़्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी पर आपको लेकर चलती हूँ और कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने और अपने घर वालों के बारे में बता दूँ।

दोस्तों मेरा नाम अंजली है और मैं अपने घर में अपने मम्मी पापा और छोटी बहन दीक्षा और छोटे भाई मोहित के साथ रहती हूँ मेरी उम्र 24 साल और मेरी छोटी बहन दीक्षा की उम्र 21 साल है और मेरे भाई मोहित की उम्र 18 साल है मेरे भाई मुझसे छोटा है और मेरे बहन और भाई दोनों स्कूल में पढ़ते है। मैं कॉलेज में पढ़ रही हूँ मैं दिखने में बहुत ही सेक्सी और हॉट लड़की हूँ मेरा फिगर साइज़ 32-34-36 है, मेरे बूब्स और गांड दोनों बाहर की तरफ निकले हुए है क्यूंकि मैं 18 साल की उम्र से चुद रही हूँ मेरा रंग गोरा और हाइट 5.3 इंच है। मैं दिखने में एक मॉडल जैसी लगती हूँ कॉलेज में मुझे सब लड़के चोदना चाहते है पर मैं किसी को भाव तक नहीं देती क्यूंकि मेरा एक बॉयफ्रेंड है जिसका नाम पियुष है हम दोनों करीब 3 साल से प्यार के रिश्ते में बंधे हुए है और हम दोनों काफ़ी अच्छे से चुदाई करते है आज जो मैं आपको बताने जा रही हूँ ये सब आज से 1 साल पहले शुरू हुआ था जब मेरे मम्मी पापा ऑफीस की ट्रिप से गोवा में छुट्टियाँ मनाने के लिए गये हुए थे वहां पर मम्मी का एक अच्छा ख़ासा एक्सीडेंट हो गया था इसी वजह से अब उन्हें वहां पर करीब 20 दिन हॉस्पिटल में ही रहना था यानि उनको पूरा 1 महिना होना था और पापा ही अब उनके साथ रहते थे, और हम गोवा नहीं जा सकते थे इसलिए पापा मम्मी ने हमें वहां से साफ ही मना कर दिया था अब हम तीनों घर पर एकदम अकेले थे घर में अब मैं ही बड़ी थी, इसलिए मुझे रोकने और टोकने वाला कोई नहीं था मैं जब मर्ज़ी घर से जाती थी और जब मर्ज़ी घर आती थी मुझे कोई भी कुछ नहीं कहता था। मैं लाइफ को उन दिनों बहुत एन्जॉय कर रही थी मैं अपने बॉयफ्रेंड पियुष के साथ बहुत एन्जॉय करने लग गई हम दोनों रोज़ शाम को चुदाई करने लग गये थे कभी हम दोनों मूवी देखते और उसके बाद कही पर जाकर चुदाई करते थे जब मेरे छोटे भाई बहन स्कूल चले जाते थे तब मैं पियुष को अपने घर पर बुलाकर आती थी फिर उससे जमकर अपने घर पर ही चुदती थी कई बार मैं उसके घर भी जाकर चुदती थी पर फिर एक दिन ऐसा आया जिस दिन से मेरी लाइफ ही बदल गई उस दिन मैंने पियुष को अपने घर बुलाया था पर वो आने में तोड़ा लेट हो गया था।

उस दिन शनिवार का दिन था पियुष घर पर आया तो उसने आते ही मुझे सोफे पर ही नंगा कर दिया और मुझे ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया मुझे इस बात का जरा सा भी पता नहीं था की उस दिन मेरे भाई बहन जल्दी स्कूल से आ जाते है उस दिन वो घर जल्दी आ गये और घर की खिड़की में से मुझे पियुष से चुदते हुए देख रहे थे पियुष और मैं सेक्स में पूरी तरह से डूबे हुए थे हम दोनों एक दूसरे को चूम और चूस रहे थे तभी उसने मेरी दोनों टाँगे उठाकर मुझे सोफे पर ही लेटा दिया और सोफे पर लेटाकर उसने मेरी चूत पर लंड सेट किया और मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया उसने मुझे ऐसे 15 मिनट तक चोदा फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से मेरी चूत को चोदने लग गया इसमें मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मेरी चूत को वो ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था, मुझे और पियुष को जरा सा भी अंदाज़ा नहीं था की मेरे भाई बहन हम दोनों को सेक्स करते हुए देख रहे थे। कुछ ही देर में पियुष ने मेरी चूत को अपने लंड के पानी से अच्छे से भर दिया फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े जल्दी से पहने और वो मेरे घर से चला गया उसके जाने के बाद ही दीक्षा और मोहित अंदर आ गये मैं उनके सामने ऐसे बिहेव कर रही थी मानो कुछ हुआ ही ना हो। फिर रात को जब हम सब एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे तब सब कुछ शांत था उसके कुछ देर बाद दीक्षा मुझसे बोली की…

READ  लंड चूसकर प्यार का सबूत दिया

दीक्षा :– दीदी आज दोपहर में घर पर कौन आया था?

मैं उसकी बात सुनकर एक बार तो डर सी गई पर अपने आपको संभालते हुए मैं बोली कोई भी नहीं आया था।

दीक्षा :– दीदी आप क्यों झुठ बोल रही हो?

मैं :– तेरा दिमाग़ खराब हो गया है एक सवाल बार बार क्यों पूछ रही है।

मोहित :– दीदी आज मैंने और दीक्षा दीदी ने सब कुछ देख लिया है बाहर विंडो में से, की अंदर कौन आया था और क्या क्या कर रहा था वो आपके साथ।

ये सुनकर मेरी गांड फट गई और मुझे एक पल के लिए ऐसा लगा मानो ये दुनिया रुक सी गई है अब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था मैं उठकर नीचे बैठ गई और उन दोनों के आगे हाथ जोड़कर बोली।

मैं :– प्लीज़ मेरे प्यारे भाई बहन मुझे माफ़ कर दो मैं आगे से ऐसा कभी नहीं करूँगी, प्लीज़ तुम दोनों ये बात मम्मी पापा को मत बताना क्यूंकि वो मुझे जान से मार देंगे प्लीज़, तुम दोनों जो कहोगे वो मैं करने के लिए तैयार हूँ।

मोहित :– ठीक है हम दोनों किसी को कुछ नहीं बताएगें, पर उसके लिए आपको कुछ करना होगा।

मैं :– अरे भाई बोलो क्या करना है मैं सब कुछ करने के लिए तैयार हूँ।

मोहित :– मैं आपको और दीक्षा दीदी को एक साथ चोदना चाहता हूँ दीक्षा तो पहले ही मेरी बात को मानी हुई है अब आप भी हाँ कर दो जल्दी से।

उसकी बात सुनकर मुझे अच्छा नहीं लगा मैंने पहले उसे मना कर दिया पर मेरे पास कोई और रास्ता भी नहीं था उन दोनों की बात को मानने के सिवाई इसलिए मैंने कुछ देर बाद उन्हें हाँ कर दी फिर खाना खत्म करने के बाद फिर मैं अपने कमरे में चली गई, कुछ ही देर बाद वो दोनों मेरे कमरे में आ गये कमरे को अंदर से बंद करके दीक्षा ने पहले अपने कपड़े निकाले और फिर उसने अपने हाथों से मोहित को पूरा नंगा कर दिया फिर वो मेरे पास आई और मुझे उन दोनों ने पूरा नंगा कर दिया जब मैं पूरी नंगी हो गई थी, तो मेरा भाई मोहित मेरे दोनों बूब्स को अच्छे से चूसने लग गया नीचे मेरी बहन मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लग गई थी मैं बहुत गरम होने लग गई थी मैंने जब मोहित का लंड देखा तो मैं हैरान रह गई, क्यूंकि उसका लंड मेरे बॉयफ्रेंड पियुष से बड़ा और मोटा था करीब 15 मिनट बाद दीक्षा ने मेरी चूत को चाटना बंद कर दिया था। फिर मोहित मेरे पास आया और उसने मेरी दोनों टाँगे खोलकर अपना लंड मेरी चूत में फिट करके मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया मुझे दर्द हो रहा था क्यूंकि उसका लंड मोटा और लम्बा था उसके बाद दीक्षा मेरे उपर आई वो मुझे किस करने के साथ साथ मेरे बूब्स चूस रही थी मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा था मोहित भी मेरी चूत में ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था, उसके धक्को से पूरा बेड हिल रहा था मुझे आज ऐसा लग रहा था मानो की आज हमारे बेड का लास्ट दिन था, 30 मिनट की चुदाई के बाद मोहित ने अपने लंड का सारा पानी मेरी चूत में ही निकाल दिया मुझे सच में काफ़ी मज़ा आया उसके लंड से क्यूंकि उसकी एक बार की चुदाई में ही मेरी चूत ने 3 बार अपना पानी निकाल दिया था। फिर दीक्षा ने मोहित का लंड चूस चूसकर वापस खड़ा कर दिया और खुद उसे नीचे लेटाकर उसके लंड के उपर अपनी चूत सेट करके अपने आप ही चुदने लग गई दीक्षा ने इतना बड़ा लंड बड़ी आसानी से ले लिया था। मतलब की वो पहले भी चुद चुकी थी मोहित के लंड पर 20 मिनट नाचने के बाद, मोहित ने दीक्षा को सीधा बेड पर लेटाया और खुद उसकी चूत को चोदने लग गया दीक्षा की चूत भी अब तक 2 बार पानी निकाल चुकी थी फिर मोहित ने उसकी चूत को भी अपने लंड के पानी से भर दिया था हम तीनों अब थक चुके थे मैं दीक्षा को हैरानी से देखते हुए बोली।

READ  गर्लफ्रेंड की रंडी माँ को खूब चोदा

मैं :– दीक्षा तू पहले किससे चुदी है बता मुझे।

दीक्षा :– मैं अपने बॉयफ्रेंड और मोहित भाई से।

मैं :– जब तू मोहित से चुदती है तो बाहर चूत मरवाने की ज़रूरत ही क्या है।

दीक्षा :– अरे यार वो भाई का ही दोस्त है।

मैं :– क्यों मोहित तुझे शरम नहीं आती अपने दोस्त से अपनी ही बहन को तू चुदवाता है।

दीक्षा :– दीदी आप इसे कम मत समझो ये मुझे चोदकर खुद उसकी बहन को चोदकर आता है इसके दोस्त में तो दम ही नहीं पर मेरा भाई उसकी बहन की गांड तक को नहीं छोड़ता।

मैं :– वाह तुम दोनों तो मुझसे भी आगे हो।

दीक्षा :– चलो दीदी एक और राउंड मारते है फिर सोते है।

मैं :– नहीं अब तो ये चुदाई का खेल रोज ही होगा आज के लिए बहुत है चल अब हम सोते है।

दीक्षा :– ठीक है दीदी गुड नाइट एंड आई.लव.यू.

फिर हम तीनों एक साथ ही नंगे होकर सो गये रात को करीब 2 घंटे बाद मैं उठी और धीरे से मैंने मोहित को भी उठाया उसको मैंने कहा चलो हम दूसरे कमरे में चलते है वो खड़ा हुआ और धीरे से हम दोनों उस कमरे से बाहर आ गये फिर मोहित मुझे अपनी गोद में उठाकर मुझे अपने कमरे ले गया वहां जाकर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे ज़ोर ज़ोर से किस करने लग गया। उसने मेरे होंठो को अपने होंठो में लेकर खूब अच्छे से चूसा उसके दोनों हाथ मेरे बूब्स पर थे जिसे वो ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था फिर उसने मेरे और अपने दोनों के कपड़े निकाल दिए हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे मैं बेड पर सीधी लेटी हुई थी, मेरा भाई मेरे उपर आया और मेरे बूब्स को अपने मुहँ में डालकर एक एक करके अच्छे से दोनों बूब्स को चूसने लग गया मुझे उससे बूब्स चुसवाने में अब बहुत मज़ा आ रहा था। धीरे धीरे मेरा भाई नीचे गया और उसने बड़े प्यार से मेरी दोनों टाँगे खोलकर मेरी चूत पर अपना मुहँ रखा और मेरी चूत को अपनी जीभ निकालकर चाटने लग गया उसकी जीभ जैसे ही मेरी गरम चूत पर लगी तभी मेरी चूत और मैं कांप उठी। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

क्यूंकि इस बार मेरे भाई ने मुझे पूरा गरम कर दिया था उसने मेरी चूत को पागल कर दिया था अब मैं भी नीचे से अपनी गांड को उठाकर उससे अपनी चूत को अच्छे से चटवा रही थी कुछ ही देर में मेरी चूत का पानी निकल गया मोहित ने बड़े ही मस्त तरीके से मेरी चूत का सारा पानी अपनी जीभ से चाट चाटकर पी लिया। फिर उसने मेरी चूत को अच्छे से अपनी जीभ से चाटा और मेरी पूरी चूत को अच्छे से साफ भी कर दिया अब मुझे जो मज़ा आया था, वो मज़ा मेरे बॉयफ्रेंड पियुष ने भी अब तक नहीं दिया था फिर मोहित खड़ा हुआ और उसने मुझे कहा। चल मेरी जान अब मेरा लंड चूस, सॉरी भाई पर मैं लंड कभी नहीं चूसती, साली ज़्यादा नाटक मत कर उसको देख दीक्षा तुझसे छोटी है पर लंड देख कितना अच्छे से चूसती है इससे पहले मैं अपने भाई को कुछ कहती उसने मेरा सिर पकड़ा और मेरे मुहँ में अपना लंड डाल दिया उसका लंड जैसे ही मेरे मुहँ में गया तभी मुझे ऐसा लगा की मानो मेरा पूरा मुहँ खुल सा गया है फिर वो धीरे धीरे अपना लंड मेरे मुहँ में अंदर बाहर करने लग गया उसका लंड बड़ा था इसलिए उसका लंड मेरे मुहँ में अंदर बाहर हो तो रहा था, पर मैं पूरा लंड ले नहीं पा रही थी क्यूंकि मेरे भाई का लंड बड़ा था पहले तो मुझे मज़ा नहीं आ रहा था पर जब मेरे मुहँ की थूक लंड पर लग रही थी तब जाकर मुझे मज़ा आना शुरू हो गया था मैं अब बड़े मज़े से अपने भाई का लंड का चूस रही थी और लंड चूस चूसकर मैंने लंड का पानी निकाल दिया था।

READ  दोस्त की चुदासी बीवी की गांड फाड़ी

मेरे भाई ने ज़बरदस्ती वो सारा पानी मेरे मुहँ में ही निकाल दिया मुझे ज़बरदस्ती अपने भाई के लंड का सारा पानी पीना पड़ा जब उसने अपना लंड मेरे मुहँ से निकाला तो मैं बोली ये तुमने क्या किया अपना सारा पानी मुझे पीला दिया। तो मेरा भाई बोला क्या हुआ मेरी बहना मैंने भी तो तेरी चूत का सारा पानी पिया था चल अब ज़्यादा नाटक मत कर अब तू मेरी रंडी बनकर चुदेगी ये कहते ही मोहित ने धक्का दिया और बेड पर सीधा लेटा दिया उसका लंड सीधा मेरी चूत पर जाकर लगा फिर उसने मेरी दोनों टाँगे उठाकर खोल दी और अपना लंड पूरा मेरी चूत में एक ही बार में उतार दिया इस पोजीशन में मुझे बहुत दर्द हो रहा था क्यूंकि मेरे भाई का लंड बहुत बड़ा था उसका लंड सीधा मेरी बच्चेदानी पर जाकर लग रहा था सच कहूँ तो उस दर्द में मुझे मज़ा भी बहुत आ रहा था। अब मैं भी नीचे से अपनी गांड को उठाकर अपने भाई का लंड अपनी चूत में ले रही थी हम दोनों को चुदाई का असली मज़ा मिल रहा था करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड पीछे से मेरी चूत में डालने लग गया लंड अब सीधा पूरा अंदर जा रहा था मुझे बहुत दर्द हो रहा था, पर शायद मेरे भाई को मुझे दर्द देकर मज़ा आ रहा था।

इसलिए उसने मेरी कमर को अपने हाथों में कसकर पकड़ लिया था और मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया था उसके हर धक्के से मेरा पूरा जिस्म हिल जाता था मेरे बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे उसने फिर नीचे हाथ डालकर मेरे बूब्स अपने हाथों में पकड़ लिए और मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया। आख़िर 30 मिनट की इस दर्द भरी चुदाई के बाद उसके लंड ने फिर से अपना गाढ़ा माल निकाल दिया। अब तक मेरी चूत ने 3 बार और पानी निकाल दिया था मैं पूरी तरह से थककर टूट चुकी थी फिर हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के उपर लेटकर सो गये। दोस्तों जब तक मम्मी पापा वापिस नहीं आए तब तक हम तीनों भाई बहन रोज रात को चुदाई का नंगा नाच करते थे। मैंने और दीक्षा ने अपने अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप कर लिया था अब हम दोनों सिर्फ़ अपने भाई से ही चुदती है सच कहूँ तो अब हम दोनों भाई की रंडी बनकर ही रह गई है वो हम दोनों को रंडी समझकर ही चोदता है और इसमें हम दोनों को भी बहुत मज़ा आता है।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे आशिकों !!

Antarvasna Hindi Sex Stories © 2016