मौसी को नींद की गोली खिलाकर चोदा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम अशोक है और मेरी उम 24 साल की है और हम बिहार के रहने वाले है। आज मैं अपनी जीवन की वो बात लिखकर आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए तैयार कर रहा हूँ जो मेरी उम्मीद से सभी पढ़ने वालो को बहुत पसंद आएगी, क्योंकि यह बहुत रोचक होने के साथ-साथ बड़ी ही मजेदार सेक्स कहानी है। अब आपको ज़्यादा बोर ना करते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह कहानी मेरी मौसी की है उनका नाम दीक्षा है और वो पटना में जॉब करती है उनकी उम्र 30 साल है और उनकी अभी शादी भी नहीं हुई है, उन्हें शादी की कोई जल्दी नहीं थी मगर नाना नानी उनकी शादी करने पर बहुत जोर लगा रहे थे जिसका वो विरोध कर रही थी। तब तो मुझे सेक्स के बारे में कुछ पता भी नहीं था, जब मैं 18 साल का हुआ तब मैं सेक्स के बारे में सब कुछ जान चुका था। जब मेरी नानी हमारे यहाँ कुछ दिन रहने आई थी तो मेरा भी अपनी नानी के साथ मौसी के घर जाने का मन हुआ और अपनी नानी के साथ चल दिया। जब मैं पहुँचा तो दीक्षा मौसी हमें लेने आई थी और मैं तो उन्हें देखकर दंग रह गया और कुछ मिनट तक मैं उनके बब्स को ही निहारते रह गया, क्या बताऊँ दोस्तों उनके बब्स पहले से काफ़ी बड़े हो चुके थे और उनकी गांड तो किसी तरबूज़ की तरह बड़ी हो गयी थी। सलवार कमीज़ में तो वो बस 1 नंबर की रांड लग रही थी। जब हम उनके घर पहँचे तो मैं सीधे आराम करने चला गया वैसे मैं वहां पर ज़रा सा मायूस भी था क्यूकी वो घर छोटा था और हो भी क्यूँ नहीं क्यूंकि वो वहां पर अकेली जो रहती थी। थोड़ी देर बाद मौसी खाना लेकर आई और मुझसे बातें करने लगी, तभी ग़लती से मेरे हाथ से पानी का गिलास गिर गया, तो वो नीचे झुककर पौछा लगाने लगी, और उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी तो उनके बब्स कमीज़ के अन्दर लटक रहे थे और साफ दिख रहे थे, मेरा तो खाने में मन ही नहीं लग रहा था, दिल कर रहा था की ज़ल्दी से उनके बब्स पकड़कर के अपना खड़ा लंड उनके मुहँ में घुसा दूँ। जैसे तैसे मैंने फिर खाना खत्म किया फिर उन्होंने पूछा की गरम दूध पीना है? मैं क्या बताऊँ यारो मुझे तो उनके निप्पल में मुहँ घुसाकर दूध चूसना था। फिर मैंने दूध पिया और वो मुझसे मेरे बारे में बातें करने लगी, मुझसे तो सब्र नहीं हो रहा था मैं तो जल्द से जल्द मूठ मारना चाहता था। जैसे ही रात हुई मैंने चैन की साँस ली क्यूकी मुझे लगा की आख़िरकार जब सब सो जाएँगे तो मैं अपने पलंग पर आराम से मूठ मारूँगा। जब खाना खत्म करके मैं सोने को जाने लगा तो मौसी भी मेरे साथ उसी कमरे में आने लगी। मैंने पूछा मौसी जी यह क्या? तो उन्होंने मुझे बताया की घर में सिर्फ़ दो ही पलंग है, एक पलंग पर तो नानी सोई है। और दूसरे पलंग पर हम दोनों को सोना है। मेरी तो जैसे खुशी के मारे जान ही निकल गयी।

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मैंने सोचा की आज ही उनका रेप कर देता हूँ लेकिन नानी के होने के वजह से मेरे हाथ बँधे हुये थे। जब मैं उनके साथ सोया तो ठंड की वजह से वो मेरे से जरा चिपककर सोई हुई थी मुझे तो नींद ही नहीं आ रही थी। जब थोड़ी देर बाद वो गहरी नींद में सो गयी और मैंने आँखे खोली और जिन बब्स के बारे में मैं दिनभर सोचता रहा वो बब्स कमीज़ से आधे बाहर निकलकर मेरे चेहरे से बस 2 इंच दुर थे, क्या खुशबू आ रही थी उनमें से अहह… मैंने उन बब्स पर दो चार बार किस भी किया और इससे कुछ ज़्यादा करने की मेरी हिम्मत नहीं हुई अब तो मुझे नींद ही नहीं आ रही थी मैं रातभर उनके बब्स को देखता और सुंगता रहा, और फिर इसके बाद हर रात यही होने लगा लेकिन बात बब्स और किस से आगे नहीं बढ़ी। लेकिन वो मेरे साथ काफ़ी दोस्ती जैसी बातें करती थी, शायद वो मुझे अभी तक बच्चा ही समझती थी। जब भी वो मेरे साथ होती मैं पुरे समय उनके बब्स को चुपके-चुपके देखता रहता था। वैसे दोस्तों मैं कुंवारा हूँ और मेरी मौसी भी, यह बात मुझे तब पता चली जब मैंने उनको चोदा था। दिन ऐसे ही गुज़रते गये और मेरी मौसी के प्रति मेरे ख्यालात और गंदे होते चले गए। मैंने सोचा की मौसी इतनी सेक्सी है, वो इस घर में अकेली रहती है और तो उनकी सील तो पक्की टूट चुकी होगी। एक दिन नानी किसी प्रोग्राम में चली गई जिसमें उनको 2 दिन लगने वाले थे, इसका मतलब बड़ी बब्स और गांड वाली मेरी सेक्सी रंडी मौसी के साथ मैं अकेला। मैंने सोचा यही सही मौका है मौसी को चोदने का और मैं तैयारी करने लगा। मैं एक दवाई की दुकान से जाकर कुछ नींद की गोलियों लेकर आ गया और आगे के बारे में सोचने लगा। जब मैं घर आया तो चौंक गया मेरी मौसी ने दो दिन की छुट्टी ले रखी थी ऑफीस से ताकि वो मेरा ख़याल रख सके। पहले तो मैं बहुत खुश हुआ, फिर मुझे अचानक से ध्यान आया की मैंने वो नींद की गोली हाथ में ली हुई थी और अगर मौसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी मैंने जल्दबाज़ी में वो नींद की गोली कचरे के डिब्बे में छुपा दी और अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब मैं वो नींद की गोली वापस लेने आया तो मेरी तो गांड ही फट गयी मौसी ने कचरे के डिब्बे के सारे कचरे को घर के बगल वाली गली में फेंक दिया था जब मैं वहां गया तो सोचा की इतनी गंदी जगह पर उस नींद की गोली को कैसे ढूंढू, लेकिन मेरी हवस ने मुझको मजबूर कर दिया और मैं जैसे तैसे 2 गोली खोजने में कामयाब रहा हालाँकि वो इतनी असरदार तो नहीं थी, लेकिन वह मेरी मौसी के लिए काफ़ी थी।

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फिर मैं रात होने का इंतज़ार करने लगा रात को खाना खाने के बाद मौसी को कॉफी पीकर टीवी पर गाने सुनने की आदत थी, लेकिन उस दिन मैंने ज़िद करके उन्हें एक इंग्लीश फ़िल्म देखने को मना लिया थोड़ी देर बाद वो अपनी कॉफी बनाकर ले आई तब मैंने उनसे अपने ई.मेल चेक करने के बहाने से उनका लैपटॉप माँगा और जब वो उसे लेने गयी तब मैंने उन दो गोलियों को उनके कॉफी के कप में डाल दिया। फिर वो मुझे लैपटॉप देकर कॉफी पीने लगी, और उसी समय उस इंग्लीश फ़िल्म में एक एकदूसरे को किस करते हुए का सीन आने लगा जिसे देखकर मौसी ज़रा सी शरमाने लगी, और जब उनसे रहा नहीं गया तो उन्होंने मुझसे टीवी बंद करने को कहा, पर मैंने नहीं किया अब उनपर नींद की गोली का असर होने लगा था और वो धीरे-धीरे सोने लगी और उनके हाथ से कॉफी का कप गिर गया था मुझे पता था की नींद की गोली ज़्यादा देर तक असर नहीं करेगी तो मैं शुरू हो गया और एक जंगली कुत्ते की तरह उनपर झपट पड़ा मैं उनके पास जाकर उनके बब्स को जोर-जोर से दबाने लगा और गंदी गालियाँ देने लगा, 20 मिनट तक उनके बब्स कमीज़ के बाहर से दबाने के बाद मैंने उनकी कमीज़ उतार दी और ऊपर से उनको पूरा नंगा कर दिया। उनके बब्स देखकर तो मैं पागल हो गया और जोर-जोर से दबाने और चूसने लगा। 40 मिनट तक तो यही चला अब उन्हें धीरे-धीरे होश आने लगा था, मैं तो घबरा गया मैंने इतनी जल्दी यह सोचा भी नहीं था। फिर मुझे ध्यान आया की मौसी ने पूरी कॉफी तो खत्म ही नहीं की थी, मैंने सोचा की आज अगर इसकी चूत को नहीं चोदा तो ज़िंदगी भर सिर्फ़ उनके जिस्म को निहारता ही रहूँगा। बस फिर क्या था, मैंने उनकी सलवार खोली और उनकी पेंटी के ऊपर से उनकी चूत को जोर-जोर से मसलने लगा और वो आआह… ऊऊहह… करने लगी।

फिर मैंने उनकी पेंटी निकाली और कुत्ते की तरह अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा अब वो 50 प्रतिशत होश में आ चुकी थी, जब उन्हें एहसास हुआ की उनके साथ क्या हो रहा है तब वो मुझे डाँटने और गालियां देने लगी लेकिन मैं तो उनकी चूत को चाटने में लगा हुआ था। जल्द ही उनकी चूत से पानी बहने लगा फिर मैंने दो उंगलिया उनकी चूत में घुसा दी, और यह क्या वो तो अभी तक कुंवारी ही थी। मेरे दिमाग में उसके कुंवारेपन का घोडा दोड़ने लगा फिर मैं बहुत खुश हुआ की आज मुझे एक सील तोड़ने को मिलेगी, वो भी अपनी मौसी की। मौसी अभी भी मुझे गालियां दे रही थी लेकिन कुछ करने की हालत में नहीं थी तो मैं उठा और अपना लंड उनके मुहँ में ज़बरदस्ती घुसा दिया और जोर-जोर से अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा कुछ देर मैं उनके मुहँ में ही झड़ गया। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं दोबारा से उनके बब्स पर टूट पड़ा, और देखते ही देखते मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया अब बारी थी उनकी चूत की, मैंने सोचा की अपने लंड और उनकी चूत पर तेल या वैसलीन लगा दूँ ताकि उन्हें दर्द कम हो फिर मैंने सोचा की आज इस रंडी की सील को बेरेहमी से ही तोड़ता हूँ और अपने लंड को उनकी चूत में घुसाने लगा उनकी सील तो इतनी टाइट थी की मेरा लंड घुस ही नहीं रहा था, फिर मैंने जोर लगाकर धक्का मारा तो मेरा 7 इंच का लंड उनकी चूत की सील को तोड़ते हुये आधा अन्दर घुस चुका था, और उनकी चूत से खून बाहर निकलने लगा उनकी चूत की सील टूट चुकी थी। वो तो बेचारी जोर-जोर से रोने लगी और चीखने लगी, लेकिन मैंने उनकी बिल्कुल भी ना सुनी और एक और ज़बरदस्त धक्का मारा अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था वो तो अब बेहोश सी हो चुकी थी फिर मैंने अपना लंड अन्दर-बाहर करना शुरू किया क्या बताऊँ दोस्तों मैं तो बिल्कुल जन्नत में था। थोड़ी देर बाद मौसी भी बेहोशी की हालत में आआहह… उम्म्म्म… करने लगी। एक घंटे तक उनको चोदने के बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में ही गिरा दिया। थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हुआ, इस बार मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में बिठाया और फिर पीछे से उनकी चूत में लंड घुसाकर चूत मारने लगा क्या ग़ज़ब का मज़ा आ रहा था। हम दोनों इतनी चुदाई कर चुके थे की सर्दी के मौसम में भी हमारे शरीर पसीने से पूरी तरह भीग चुके थे। और मैं तो उनके शरीर के पसीने की खूबसूरत सुगंध को सूंघ रहा था, अब उन्हें होश आ गया और बिना कुछ कहे वो भी ओह… आअहह.. करके चुदाई के मज़े लेने लगी कुछ देर बाद फिर मैं उनकी चूत में झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया। फिर मैंने अपना सर उनकी जाँघो के बीच घुसाया और उन्हें चाटने लगा, फिर मैंने उनके खांक के बालों को देखा और वो पूरी तरह से साफ थे। कितनी सुंदर थी वो, अब मैं अपनी जीभ से उनके खांक के बालों को चाटने लगा जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

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लेकिन वो अब चुदाई की हालत में नहीं थी, तो मैं अपना खड़ा लंड उनके बब्स के बीच में रगड़ने लगा और फिर जब मेरा झड़ने लगा तो अपना लंड उनके मुहँ में घुसा दिया थोड़ी देर बाद न ज़ाने क्यू वो रोने लगी और काफ़ी दुखी हो गई, तब मैंने उसे समझाया की यह चूत की सील तो टूटने के लिए ही बनी है, और सेक्स करने का हक तो हर इंसान को है। और वैसे भी इसका पता किसी को नहीं चलेगा, घर की बात घर ही में रहेगी। लेकिन वो मुझसे बहुत नाराज़ थी और उस दिन के बाद फिर से मुझे उनको चोदने का मौका कभी नहीं मिला, दोस्तों मैंने उस दिन उनको 3 बार चोदा था और अब उन्होंने मेरे साथ अकेले में रहने से मना कर दिया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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