पड़ोसी की प्यासी बहु की गांड में लंड ठोका

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम रोहन है। मेरी उम्र 25 साल है, में गुजरात का रहने वाला हूँ, में कामुकता डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। आज में भी कुछ शेयर करना चाहता हूँ इसलिए आज में मेरे जीवन का ये किस्सा सुनाने जा रहा हूँ। यह बात मेरे पड़ोस में रहने वाली नई शादीशुदा भाभी की है। मेरे पड़ोस में रहने आए इस परिवार में अंकल-आंटी, उनके दो बेटे, दो बहू थी। उसमें छोटी बहू दीपाली एक शोरूम में सेल्सगर्ल का काम करती थी। दीपाली इतनी सुंदर नहीं थी और थोड़ी मोटी थी। मुझे उसके बूब्स बहुत ज़्यादा पसंद है। में कभी भी उसके साथ बात नहीं करता था, उसके पति के साथ में कभी-कभी बात कर लेता था। फिर सुबह 9 बजे जब में जॉब पर निकलता, तो तब ही वो दोनों भी अपनी बाइक पर निकलते थे। यह एक दिन की बात है जब में जॉब पर जाने के लिए निकला तो मैंने देखा कि सोसाइटी के नाके पर दीपाली खड़ी थी, तो मैंने पूछा कि कहाँ जाना है? तो वो बोली कि जॉब पर, ऑटो की राह देख रही हूँ। तो मैंने कहा क्यों? आज तुम्हारे पति देव कहाँ गये? आए नहीं छोड़ने? तो वो बोली कि नहीं आज उन्हें जल्दी जाना था इसलिए वो सुबह 6 बजे ही निकल गये। फिर मैंने कहा कि अगर तुम्हें ऐतराज ना हो तो चलो में छोड़ देता हूँ। फिर वो मेरे साथ आने को तैयार हो गयी और मेरे पीछे बाइक पर बैठ गयी थी।

अब उसके बूब्स मेरी पीठ पर छू रहे थे, तो में थोड़ा आगे की तरफ खिसक गया, ताकि कोई गलतफहमी ना हो। फिर थोड़ी देर के बाद मेरी पीठ पर उसके दोनों बूब्स दबकर टच हो रहे थे। फिर 15 मिनट के बाद हम शोरूम के बाहर पहुँच गये, तो वो उतरकर बोली कि थैंक यू फॉर लिफ्ट। फिर मैंने कहा कि इट्स ओके, तुम्हें कोई तकलीफ हुई हो तो सॉरी। फिर उसने कहा कि नहीं मुझे मज़ा आया, में कल फिर से तुम्हारा लिफ्ट के लिए इंतजार करूँगी और इतना बोलकर वो चली गयी। अब में सोच में पड़ गया था। फिर दूसरे दिन जब में जॉब के लिए निकला तो मैंने देखा कि वो आज भी खड़ी थी। फिर मैंने अपनी बाइक उसके पास खड़ी कर दी, तो वो कुछ बोले बिना ही बैठ गयी, वो आज थोड़ा आगे जाने के बाद ऐसे बैठी थी कि हम दोनों के बीच में से हवा गुजरनी भी मुश्किल थी। अब में थोड़ा गर्म भी हो गया था, अब मेरा लंड टाईट हो गया था। फिर थोड़ी देर के बाद शोरुम आया, तो वो उतर गयी और बोली कि बड़ा मज़ा आया, तुम्हें मज़ा आया? तो मैंने कहा कि मज़ा कैसा मज़ा? तो वो बोली कि वाह एक लड़की तुम्हारे पीछे चिपककर बैठी और तुम्हें मज़ा नहीं आया? तो मैंने कहा कि वो बात नहीं है, तुम मेरी गर्लफ्रेंड तो नहीं हो जो में मज़ा लूँ? तो वो थोड़ी नाराज सी हो गयी। फिर दूसरे दिन फिर से वो वही खड़ी थी।

फिर में अपनी बाइक लेकर निकला और खड़ी रखी, तो वो फिर से पीछे आकर बैठ गयी। फिर मैंने कहा आज तो तुम्हारे पति घर ही थे ना तो उनके साथ नहीं गयी? तो वो बोली कि नहीं मैंने उन्हें भेज दिया, क्योंकि मुझे तुम्हारे साथ अच्छा लगता है इसलिए। फिर उसने शोरूम के बाहर उतरकर कहा कि कल मेरी छुट्टी है, अगर तुम मुझे कहीं घुमाने ले जाना चाहो, तो मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है और चली गयी। फिर मैंने दूसरे दिन छुट्टी ले ली और रोज की तरह निकला, तो वो वही खड़ी थी। फिर मैंने उसके पास जाकर कहा कि तुम्हें पता था कि में आऊंगा? तो वो बोली कि हाँ पूरा विश्वास था, तो बोलो कहाँ ले जा रहे हो मुझे? तो मैंने कहा कि जहाँ तुम जाना चाहो। तो उसने कहा कि नहीं तुम जहाँ ले जाना चाहो। फिर में उसे दूसरे पास के शहर आनंद में ले गया और वहाँ जाकर एक होटल में रूम बुक करने गया।

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अब वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी। फिर हम रूम में गये तो मैंने पूछा कि तुम्हें डर तो नहीं लग रहा? तो वो बोली कि डर लगा होता तो तुम्हारे साथ आती ही नहीं और मेरे पास आकर उसने मेरे कंधे पर अपना एक हाथ रखा और कहा कि मुझे पता है, तुम मुझे यहाँ होटल में क्यों लाए हो? लो में तुम्हारे सामने हूँ, पूरी करो अपनी ख्वाहिश। फिर मैंने उसके होंठो पर किस कर दिया। अब वो भी मेरे होंठो को चूसकर पूरा साथ दे रही थी। अब हम किस कर रहे थे। फिर तभी इतने में डोरबेल बजी, तो मैंने देखा कि रूम बॉय पानी लेकर आया था। फिर उसने रूम बॉय से कहा कि टावल लाना, तो रूम बॉय टावल ले आया। फिर उसने मुझसे कहा कि में नहाकर आती हूँ। तो मैंने कहा कि क्या हम साथ में नहाए? तो वो मुस्कुराकर बाथरूम में चली गयी और मुड़कर देखा, तो में समझ गया और मैंने अपने सारे कपड़े बाहर ही उतार दिए और बाथरूम में चला गया। अब वो ब्रा पेंटी में खड़ी थी।

फिर मैंने उसे घुमाकर उसकी ब्रा खोल दी। अब उसके 36 साईज के बूब्स आज़ाद हो गये थे। फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी। अब वो मेरे सामने नंगी खड़ी थी। फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया तो तभी उसने मेरे सिर को पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया। में उसके निपल चूसने लगा और अब वो मेरे सिर में अपना हाथ घुमा रही थी और बोली कि रोहन में कब से ये चाहती थी? कि तुम मेरे स्तनों को चूसो, सहलाओ, मसलो। अब वो बहुत गर्म हो रही थी। फिर में उसकी चूत में अपनी एक उंगली डालकर सहलाने लगा। अब वो ऊपर नीचे हो रही थी। फिर मैंने शॉवर चालू किया। अब शॉवर के नीचे नहाते हुए में उसके होंठ चूस रहा था और उसके बूब्स दबा रहा था और वो मेरे लंड को सहला रही थी। अब मेरा लंड टाईट होकर रोड जैसा हो गया था। फिर वो मेरा 6 इंच लंबा लंड देखकर खुश होकर बोली कि रोहन आज मेरी चूत की भूख शांत होगी। फिर मैंने उसे साबुन लगाना शुरू किया और अब में साबुन लगाते हुए उसके बूब्स को सहलाते हुए उसे किस कर रहा था। अब उसके मुलायम होंठो को किस करते हुए भीगने में बहुत मज़ा आ रहा था। अब दोनों तरफ आग लगी हुई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसने नीचे बैठकर मेरे लंड को अपने दोनों बूब्स के बीच में दबा लिया तो फिर में भी उसके बूब्स को चोदने लगा। फिर थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर- ज़ोर से चूसने लगी थी। अब मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी। अब में झड़ने वाला था तो मैंने उससे कहा तो उसने अनसुना कर दिया और में उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा पूरा वीर्य पी गयी। फिर उसने मेरी तरफ देखकर स्माइल किया। तो मैंने कहा कि दीपाली तुम इतनी सेक्सी हो कि कच्चा चबा जाने का मन करता है। फिर उसने कहा कि मैंने मना थोड़े ही किया है, जो करना है करो, चबाना हो तो चबाओ, चोदना है तो चोदो, रोहन आज मुझे मसल डालो। अब वो मुझे उत्तेजित कर रही थी। फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसकी गीली चूत में अपना लंड जो कि अभी झड़ा था डाल दिया और उसे चोदने लगा था।

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अब वो भी गर्म थी इसलिए उछल-उछलकर मेरा साथ दे रही थी। फिर 10 मिनट के बाद वो झड़ गयी, लेकिन में चालू ही रहा। अब वो आहह, आह करते हुए उछल रही थी और में शॉट लगाता ही रहा। फिर 10 मिनट के बाद वो झड़ गयी। तो मैंने उसे नीचे उतारकर उसकी चूत में से अपना लंड बाहर निकालकर उसकी चूत साफ की और उसे शॉवर के नीचे ही घोड़ी बनाकर उसकी चूत में फिर से अपना लंड डाल दिया। अब 30 मिनट के बाद में फिर से झड़ने वाला था। फिर तभी वो बोली कि रोहन प्लीज अंदर मत झड़ना, वरना कुछ हो जाएगा तो प्रोब्लम हो जाएगी। फिर मैंने कहा कि अंदर नहीं झड़ा तो चोदने का मज़ा ही क्या है? फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी पिचकारी उसकी चूत में ही छोड़ दी। फिर हम लोग नहाकर बाहर आए और खाना खाने रेस्टोरेंट में चले गये और फिर हम दोनों ने खाना खाया।

फिर मैंने कहा कि दीपाली में तुम्हें कुछ गिफ्ट देना चाहता हूँ तो चलो हम मार्केट जाते है। फिर हम एक लेडीस गारमेंट शॉप में गये और वहाँ से एक सेक्सी सा ड्रेस लिया और फिर हम वापस होटल आए। फिर मैंने उससे कहा कि यह पहनकर दिखाओ। फिर वो बाथरूम में गयी और चेंज करके आई, वो उस ड्रेस में बहुत सेक्सी लग रही थी, उसके बूब्स बाहर आने तड़प रहे थे। फिर मैंने उसे अपने ऊपर खींचा और उसके बूब्स मसलने लगा और किस करते हुए मैंने उसे नंगा कर दिया और अब उसने भी मुझे पूछा नंगा कर दिया था। अब में उसे बेड पर लेटाकर उसके ऊपर आकर उसके होंठो को चूस रहा था और फिर उसके बूब्स को दबाने लगा था। फिर उसने कहा कि रोहन प्लीज चोदो मुझे, आज जी भर जाए उतना चोदो। फिर में उसकी चूत चाटने लगा और वो उसके बूब्स सहला रही थी। अब उसकी आँखें बंद थी। अब वो आआआहम्म, आह कर रही थी। फिर मैंने अपनी जीभ पर उसकी चूत का रस महसूस किया। फिर उसने मुझे ऊपर खींचना चाहा तो में ऊपर आकर उसके होंठ चूसने लगा। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया तो उहहह आह करके उसकी आवाज मेरे मुँह में ही दब गयी। अब में उसे चोदने लगा था और चोदते-चोदते उसके बूब्स भी दबा रहा था।

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फिर तभी वो बोली कि रोहन चोदो और ज़ोर से चोदो मुझे, आज में पूरी तरह से सेक्स का आनंद लेना चाहती हूँ, प्लीज चोदो मुझे, कुचल डालो मेरी चूत को, मेरे स्तनों को मसल डालो, निकाल दो इनका पूरा दूध और इतना कहकर उसने अपने बूब्स मेरे मुँह में दे दिए और अपने हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी थी। अब वो अपनी आँखें बंद करके आआआआ, आह, मज़ा आ रहा है रोहन और करो ऐसा बोल रही थी। अब में उसे मस्ती से चोद रहा था। फिर में 30 मिनट तक उसे चोदता रहा। अब इस दौरान वो 3 बार झड़ गयी थी और फिर उसके बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर में थोड़ी देर उसके ऊपर ही सो गया और फिर थोड़ी देर के बाद उठा तो मैंने देखा कि मेरा लंड अभी भी टाईट था। फिर मैंने कहा कि दीपाली में इसका क्या करूँ? तो उसने कहा कि इसे तो तुम्हें कुछ भी करके शांत करना पड़ेगा, तो मैंने कहा कि ओके, तुम मेरा साथ दो तो में इसे एक बार और शांत करने की कोशिश करता हूँ। फिर वो बोली कि बोलो क्या करूँ? मुँह में ले लूँ या और चोदोगे मुझे? और फिर हंस पड़ी। तो मैंने कहा कि नहीं में तुम्हारी गांड में अपना डालना चाहता हूँ, शायद यह उसके लिए तड़प रहा हो। तो वो घबरा गयी और बोली कि ना बाबा इतना बड़ा लंड मेरी गांड में जाएगा तो मेरी गांड फट जाएगी और बहुत दर्द भी होगा। फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा, तुमने तो कहा था कि जो चाहे कर लो, अब क्या हुआ? और फिर में नाराज होने का नाटक करने लगा। फिर तभी वो बोली कि ठीक है जैसा तुम चाहो।

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर उसकी गांड पर अपना लंड रखा और ज़ोर से एक धक्का दिया। तो वो चिल्ला उठी, तो में थोड़ी देर रुक गया। अब उसकी आँखों में से आँसू आ गये थे। तो तभी मैंने फिर से एक धक्का दिया। अब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया था। फिर तभी वो बोली कि रोहन बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना, बस अब मुझे तो उसकी गांड मारने में मजा आ रहा था, उस वक़्त में स्वार्थी हो गया था, अब मुझे मेरे आनंद के सामने कुछ नहीं दिख रहा था, उसका दर्द भी नहीं। अब में उसकी गांड मारे जा रहा था और वो रो रही थी। फिर तभी मैंने कहा कि रोती क्यों हो? चूत में डालना था तो तब तो उछल-उछलकर ले रही थी और अब दर्द सहन नहीं हो रहा है। फिर मैंने उसकी गांड 20 मिनट तक मारी और फिर मैंने अपना पानी उसकी गांड में ही छोड़ दिया। फिर जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो वो ढेर होकर बेड पर गिर पड़ी और रो रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो खड़ी हुई और मुझे गले लगा लिया और कहा कि रोहन आज तुमने मुझे जो मजा दिया है जो में जीवनभर याद रखूँगी और फिर हम दोनों वहाँ होटल से निकलकर घर आ गये। आज भी दीपाली मुझसे महीने में 2 बार चुदवाती है और हम दोनों खूब मजा करते है ।।

धन्यवाद …

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