विक्की का लंड और भाभी की काली ब्रा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna में आप सभी का दोस्त विक्की अपनी एक बहुत सेक्सी कहानी को आप सभी के लिए लेकर आया हूँ। आप सभी को मेरे बड़े में तो पहले से ही पाता है कि में मुंबई के घाटकोपर में रहता हूँ और में एक बहुत बड़ा चोदूराम हूँ। में अपने पापा की दौलत पर ऐश करता हूँ और कभी भी मैंने सेक्स करने की क़ीमत नहीं ली, लेकिन हाँ अगर किसी को जरूरत पड़े तो मैंने उनको अपने पास से पैसे जरुर दिए है और हाँ में कभी भी रंडी को पसंद नहीं करता में मस्त माल ही चोदता हूँ। दोस्तों मेरी यह आज की कहानी कुछ अलग हटकर है, जिसमें मैंने अपनी एक मस्त हॉट सेक्सी भाभी के साथ उनकी मस्त जमकर चुदाई के मज़े लिए, जिससे मेरा मन बहुत खुश हुआ। दोस्तों हम तीन भाई है और में उनमें सबसे छोटा हूँ। मेरी उम्र 21 साल है और मुझसे बड़े दोनों भाईयों की पहले ही शादी हो चुकी है। मुझसे जो बड़ा भाई है उसने कुछ समय पहले अपनी मर्जी से एक लड़की को पसंद करके उससे शादी की है और उसकी पत्नी बहुत ही सुंदर है, लेकिन वो मुझसे भी बड़ी है, मतलब कि मेरी भाभी कोमल की उम्र 31 साल है और मेरे भाई की मतलब कि उसके पति की उम्र 27 साल मतलब कि वो मेरे से बड़े भाई से भी बड़ी है।

दोस्तों बस मेरा भाई उसके हुस्न का दीवाना हो गया था और उससे शादी कर ली। फिर जब शादी के बाद अगले दिन मैंने अपनी भाभी को पहली बार देखा तो देखते ही पता नहीं मुझे कुछ अजीब सी कशिश अपनी भाभी के जिस्म में महसूस हुई। वैसे वो मुझसे उम्र में बहुत बड़ी थी, में उस समय में सिर्फ़ 21 साल का था और वो 31 साल की थी, लेकिन वो 31 साल की होकर भी किसी बीस साल की कुंवारी लड़की से कम नहीं थी। मेरी भाभी के बूब्स दिल को चीर देने वाले थे और जब भी वो फिटिंग के कपड़े पहन लेती तो बस उसके हुस्न का दीदार होने लगता था, जिसको देखकर में पागल हो जाता और में अपने मन को बहुत समझाता कि यह मेरे भाई की इज्जत है और मेरी भाभी है, लेकिन पता नहीं क्यों मेरा मन अपनी जिद नहीं छोड़ता। एक दिन मैंने अपनी भाभी मतलब कोमल को सपने में उसकी मस्त मज़ेदार चुदाई करते हुए देखा और बस उस रात के बाद में उस सपने को कैसे भी हक़ीक़त में बदला ना चाहता था। दोस्तों में यह बता दूँ कि में भी दिखने में कम स्मार्ट नहीं हूँ। में भी उन दिनों अपनी चढ़ती जवानी पर था और ऊपर से में कसरत भी किया करता था और मुझे जब भी कोई अच्छा मौका मिलता में अपनी शर्ट को उतारकर अपनी भाभी के सामने आ जाता, क्योंकि में मन ही मन यह बात चाहता था कि मेरी भाभी मेरा यह गठीला जिस्म देखकर कुछ सोचने पर मजबूर हो जाए वो मेरी तरफ आकर्षित होकर मेरी बनने के लिए तैयार हो जाए। एक दिन हम सभी को एक शादी में जाना था, इसलिए सभी लोग तैयार हो गए और जब कोमल भाभी तैयार होकर अपने कमरे से बाहर आई।

फिर में उनके गोरे गोरे बूब्स को अपनी चकित नजरों से देखता ही रहा क्योंकि उन्होंने एक बड़ी फिटिंग की कमीज़ पहनी हुई थी, जिसकी वजह से निप्पल भी खड़े हुए नजर आ रहे थे। वो उस कमीज़ में बहुत ही सेक्सी लग रही थी और जब वो तैयार होकर बाहर आई तो उन्होंने मुझसे पूछा कि विक्की में आज कैसी लग रही हूँ और में कुछ कहे बिना ही उनके बूब्स को लगातार घूरता ही रहा। अब कोमल भाभी ने एकदम से मुझे ऐसा करते हुए देखा और उन्होंने चुन्नी को अपने बूब्स पर डाल लिया और अब वो अपने पति से बातें करने लगी और इस तरह उन्होंने मुझे नज़रअंदाज कर दिया। इस बात का मुझे बहुत बुरा लगा, लेकिन में क्या कर सकता था? क्योंकि में उनके हुस्न का दीवाना हो गया था। में अब उनकी चूत को देखना चाहता था और में उनको अपनी तरफ से अपने भाई से भी ज्यादा प्यार देना चाहता था। में उनके बूब्स को अपने हाथों से छूना चाहता था और में अपने से दस साल बड़ी औरत को चोदने पर तुला हुआ था, क्योंकि वो औरत नहीं थी बल्कि एक कुंवारी लड़की से भी ज्यादा सुंदर थी। एक 18 साल की लड़की के भी उनके सामने क्या बूब्स होंगे जो कोमल भाभी के बूब्स थे। उनकी आखें नीले रंग की थी और उनकी हँसी ऐश्वर्या की तरह थी। उनके बूब्स 34 के थे, उनकी कमर 28 या 29 थी और कूल्हे तो बस देखने के लायक ही थे।

दोस्तों बस मेरी तो यही इच्छा थी कि में उनके बूब्स को जमकर दबाऊँ उनका रस निचोड़ दूँ और उनके साथ मस्त वाला सेक्स करूं, यह मेरी बहुत गंदी सोच थी, क्योंकि वो मेरी भाभी थी और मुझसे दस बड़ी भी थी, लेकिन में उसके फिगर का दीवाना हो चुका था। एक दिन मेरे भाई को किसी काम की वजह से रात को अपने ऑफिस में ही रुकना पड़ा और घर में मेरी मम्मी पापा के अलवा कोई नहीं था, क्योंकि मेरे दूसरे भाई हमसे अलग रहते है शामिल में बस हम सभी लोग मेरी कोमल भाभी में और मम्मी पापा एक घर में रहते है और उस रात मेरी कोमल भाभी को अकेले सोने में बहुत डर लग रहा था, क्योंकि मेरे बड़े भाई पहली बार ऑफिस में रुके थे, इसलिए वो कभी भी अकेले नहीं सोई थी उनको अकेले सोने की आदत नहीं थी और ना ही उस रात को उन्हें नींद आ रही थी।

फिर मुझे उनके साथ सोने का वो मौका मिल गया, क्योंकि में मेरी मम्मी, पापा की नज़र में अभी तक छोटा था, इसलिए मम्मी ने मुझसे कहा कि विक्की तुम अपने भाभी के पास जाकर सो जाओ बेचारी वो अकेले में बहुत डर रही है। फिर मैंने भी उनके कमरे में जा दस्तक दी तो उन्होंने दरवाज़ा खोल दिया और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या काम है? तब मैंने उनसे कहा कि आपको अकेले सोने में डर लग रहा है, इसलिए में भी आपके साथ यहीं इस कमरे में सो जाता हूँ, इस तरह आपका डर दूर हो जाएगा। तो भाभी ने पहले तो मना कर दिया, लेकिन फिर मैंने उनसे बहुत बार ज़िद करके उनसे कहा कि में आज आपके साथ ही सोना चाहता हूँ और फिर वो मान गई जिसके बाद में उनके रूम के अंदर चला गया। अब भाभी ने मुझसे कहा कि तुम बेड पर लेट जाओ में नीचे बिस्तर करके सो जाती हूँ, मैंने कहा कि हाँ ठीक है भाभी जैसी आपकी मर्ज़ी और उसके बाद मैंने उनके साथ उनके लिए बिस्तर करवाया उन्होंने उस वक़्त चुन्नी नहीं पहनी हुई थी। उन्होंने एक नाइट ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी और मेरी नज़रे लगातार उनके झूलते बाहर निकलते हुए बूब्स पर जमी रही। फिर भाभी ने कुछ देर बाद इस बात पर गौर किया और फिर उसी समय उन्होंने मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहा कि विक्की अब तुम्हारी भी शादी हो जानी चाहिए, क्योंकि अब तुम भी बड़े हो चुके हो।

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फिर मैंने तुरंत ही कहा कि भाभी में शादी वादी नहीं करूंगा। अब भाभी ने मुझसे इस बात की वजह पूछी कि में क्यों शादी नहीं करूंगा? अब मैंने उनसे कहा कि अगर लड़की आप जैसी सुंदर गोरी हो तो में शादी कर लूँगा, वरना में कभी भी शादी नहीं करने वाला। तो भाभी मेरे मुहं से यह बातें सुनकर हंस पड़ी और वो मुझसे बोली कि अच्छा में सुंदर भी हूँ, तुम्हे अब सुंदरता का भी पता चलने लगा, हाँ अब तुम बहुत बड़े हो गए हो। दोस्तों भाभी मुझसे मजाक कर रही थी क्योंकि वो भी मुझे मेरे घरवालो की तरह बहुत छोटा समझती थी, लेकिन वो मेरे दिल की बातों विचारों को अभी तक ना समझ नहीं सकी थी। फिर मैंने कहा कि भाभी में अब बड़ा हो गया हूँ और में शादी आप जैसी सुंदर सुशील लड़की से ही करूंगा और उसी समय भाभी ने तुरंत मुझसे पूछ लिया कि तुम्हे मुझ में क्या क्या सुंदरता नज़र आ गई है? मैंने तब कहा कि कसम से कोमल भाभी आप बहुत सुंदर हो और में आपसे बहुत प्यार करता हूँ, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, जैसे ही मैंने यह सभी अपने मन की बातें उनको बताई तो भाभी एकदम से चकित हो गई और उन्हे अब मेरी वो बातें सुनकर मेरे ऊपर शक भी होने लगा कि में सही में उन्हे चाहने लगा हूँ और मेरी वो सभी बातें समझकर उन्होंने तुरंत ही मेरे साथ बच्चो जैसा व्यहवार करके वो मुझसे बोली कि अच्छा ठीक है।

अब तुम चुपचाप सो जाओ, तुम ज़्यादा बातें मत बनाओ, अभी तुम बस अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, तुम्हे सुबह कॉलेज भी जाना है, ठीक है अब तुम सो जाओ और मुझसे इतना कहकर भाभी ने उठकर लाइट को बंद कर दिया और में सोने के लिए लेट गया, लेकिन मैंने सोते सोते भी भाभी से दोबारा कह दिया कि भाभी आप बहुत सुंदर हो। दोस्तों में चाह रहा था कि कुछ ऐसे ही बात बन जाए कि आज की रात ही में अपनी भाभी का गोरा भरा हुआ पूरा जिस्म बिना कपड़ो के देख लूँ। में आज की रात ही उन्हे छू लूँ और अपने दिल की सारी भड़ास निकाल लूँ इसलिए में कोई अच्छा मौका तलाश कर रहा था कि काश कोई मौका आज रात को ही मेरे हाथ लग जाए और में एक हसीन सुंदर सेक्सी लड़की को जो कि इस समय मेरी भाभी के रूप में मेरे पास लेटी है, इसको पकड़कर इसकी चुदाई कर दूँ और किसी तरह अपनी भाभी के बूब्स को चूम लूँ उनका रस पी जाऊं, लेकिन भाभी ने कुछ देर बाद मुझसे यह बात कहकर अपनी करवट को बदल लिया कि अब तुम सो जाओ, तुम्हे सुबह कॉलेज के लिए उठाना भी है। फिर में कुछ देर अपनी भाभी के बारे में सोचता हुआ ना जाने कब गहरी नींद में सो गया और अगले दिन सुबह उठकर में अपने कॉलेज भी चला गया, लेकिन मैंने एक बहुत ही अच्छा मौका अपने हाथ से गवां दिया था, जिसके बारे में मुझे बहुत दुख था, लेकिन में अपनी भाभी की मर्जी के बिना करता भी क्या अगर में उनके साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती करता और उनको अगर गुस्सा आ जाता तो मेरा सारा काम बिगड़ जाता और घरवालों से मार पड़ती वो अलग, इसलिए में चुपचाप सो गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों वैसे मैंने उस रात भाभी को सेक्स के लिए तैयार करने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी, लेकिन अभी वो शायद मेरे किस्मत में नहीं थी, इसलिए अब में उस रात के बाद से ही भाभी से बातें किया करता और में हर कभी उनके हुस्न की तारीफ किया करता और वैसे भाभी से मुझे डर था कि कहीं भाभी मेरे भाई से मेरी वो सभी बातें ना बोल दे, लेकिन अभी तक मामला एकदम ठीकठाक चल रहा था। अब वो जब भी मुझसे बात करती तो में उनके आखों में देखकर उनकी बातों का जवाब देता और उनसे हंस हंसकर बातें किया करता था और अब में अपने फ़ैसले पर एकदम पुख़्ता हो गया था। में रोज़ाना भाभी को सपनों में चोदने लगा था ऐसा करने से मुझे हर रोज़ महसूस होता कि जिसकी वजह से मुझमें यह बदलाव आ गया था में जल्द से जल्द कोमल भाभी की चुदाई करना चाहता था।

फिर एक दिन हमारे घर में एक शादी का बुलावा आ गया। यह शादी मेरे भाई के ऑफिस के किसी दोस्त की शादी थी और जिस दिन शादी में जाना था, उस दिन भाभी के सर में अचानक से दर्द शुरू हो गया और उन्होंने भाई से कह दिया कि में इस शादी में आपके साथ नहीं जा सकती, इसलिए तुम विक्की, मम्मी और पापा के साथ वहां पर चले जाओ, में घर में अलेकी ही रह जाउंगी मेरे सर में दर्द है इसलिए मेरी वहां पर जाने की इच्छा नहीं हो रही है और जब मुझे यह बात पता चला कि घर के सभी लोग शादी में जा रहे है, लेकिन मेरी भाभी वहां पर नहीं जा रही तो में यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और फिर मैंने भी उनके साथ शादी में ना जाने का एक झूठा बहाना बना दिया। मैंने उनको कहा कि कल मेरे कॉलेज में टेस्ट है आप लोग चले जाओ। में भाभी के साथ घर पर ही रहूँगा, क्योंकि मुझे टेस्ट के लिए अपनी पढ़ाई भी पूरी करनी है। फिर इस तरह से मेरा भाई, मम्मी और पापा शादी में होम दोनों को घर पर अकेला छोड़कर चले गए और फिर में उनके चले जाने के बाद अपना कॉलेज का बेग लेकर अपनी भाभी के रूम में चला गया।

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फिर जैसे ही मैंने अपनी भाभी के रूम के दरवाजे को दस्तक दी तो भाभी ने आकार दरवाज़ा खोल दिया। तब मैंने उनसे कहा कि भाभी घर में कोई भी नहीं है क्या? में आपके कमरे में बैठकर अपनी पढ़ाई कर लूँ? उन्होंने कहा कि हाँ तुम अंदर आ जाओ और इस तरह में भाभी के रूम में दाखिल हो गया। दोस्तों उस समय भाभी ने दुपट्टा नहीं पहना हुआ था, जिसकी वजह से उनकी काले रंग की ब्रा उनकी नीले रंग की कमीज से साफ साफ झलक रही थी, में भाभी के पास ही बेड पर बैठ गया और पढ़ाई करने का झूठा नाटक करने लगा और भाभी एक तकिया लेकर लेट गई और में अपनी पढ़ाई में लगा रहा, लेकिन मुझे तो पढ़ाई करते समय बस उनको देखना था और बस में बार बार उनको ही देखे जा रहा था कि तभी अचानक भाभी ने मुझसे कहा कि विक्की तुम इस तरह से घूर घूरकर क्या देख रहे हो? में उनकी बात सुनकर चकित हो गया। मैंने उनसे कहा कि कुछ नहीं में तो बस ऐसे ही देख रहा था और अब मैंने अपना मुहं नीचे कर लिया। उस समय मैंने देखा कि भाभी के चेहरे पर एक मुस्कुराहट थी, जिसको देखकर में दिल ही दिल में बहुत खुश हो गया और उसके कुछ देर बाद मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके भाभी से कहा कि भाभी क्या में आपका सर दबा दूँ? अब भाभी ने मेरी तरफ देखा और कहा कि तुम ऐसा करो कि विक्की आज तुम मेरे पैर दबा दो यार यह बहुत दर्द हो रहे है प्लीज।

फिर मैंने उनसे कहा कि अरे इसमें प्लीज लगाने की कौन सी बात है? लाईये में दबा देता हूँ, भाभी उस समय बेड पर टेका लगाकर बैठी हुई थी और कुछ देर बाद मैंने उनको कहा कि आप लेट जाओ में दबा देता हूँ और वो मेरे कहने पर एकदम सीधी लेट गई और उस समय भी उनके बूब्स पर दुपट्टा नहीं था और सीधा लेटने के बाद तो उनके बूब्स और भी ज्यादा उभरकर मेरे सामने आ गए थे जिसको देखकर मेरी आखें ख़ुशी से चमक उठी थी। अब मैंने खुश होकर उनके पैर दबाना शुरू कर दिया। उनके पैर बहुत ही नरम मुलायम थे और पैरों को छूकर अब मेरा दिल तो चाह रहा था कि में पूरा ऊपर तक पैरों को दबाऊ, लेकिन में ऐसा करने से डर भी रहा था। अब में उनके घुटनों तक पहुंच चुका था और में अब धीरे धीरे आगे उनकी जांघ की तरफ बढ़ रहा था और जब भी में घुटनों से आगे बढ़ रहा था तो में यह देखकर बहुत हेरान हो रहा था कि भाभी ने मुझे एक बार भी मना नहीं किया और इस तरह में अब उनकी नरम नरम गोरी जांघो को दबा रहा था अब तक मेरा लंड बिल्कुल सख़्त तनकर खड़ा हो चुका था।

फिर अचानक भाभी ने मुझसे कहा कि विक्की में अब उल्टी लेट जाती हूँ तुम थोड़ा पीछे से भी दबा दो। मेरे तो अब बड़े मज़े हो गए क्योंकि जब वो उल्टी हुई तो उनके दोनों कूल्हे अब ऊपर हो गए, जो दिखने में बहुत ही आकर्षक द्रश्य था। अब मैंने उनके पैरों को दबाना शुरू कर दिया और में धीरे धीरे ऊपर जाता जा रहा था, मैंने बड़े आराम आराम से उनके कूल्हों पर हाथ रखना शुरू कर दिया और जब मैंने ऐसा किया तब भी भाभी ने मुझसे कुछ नहीं कहा, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत अब पहले से ज्यादा बढ़ गई और फिर मैंने उनके कूल्हों को दबाना शुरू कर दिया और उस समय मैंने महसूस किया कि अब भाभी के मुहं से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ सस्सईईई की आवाजे निकल रही थी, क्योंकि वो अब तक बहुत गरम हो चुकी थी।

फिर उसके बाद मैंने उनकी पतली कमर पर हाथ फैरना शुरू कर दिया और फिर में कुछ देर बाद हिम्मत करके अपने हाथ को नीचे उनके बूब्स तक ले गया, लेकिन अब भी उन्होंने मुझसे कुछ ना कहा और ना ही मना किया था और फिर क्या होना था? मैंने तुरंत ही उनको एक झटके के साथ सीधा किया और तुरंत ही उनके नरम रसभरे होंठो पर अपने प्यासे होंठो को रख दिया, उसके बाद करीब दस मिनट तक हम दोनों ने बड़े मज़े लेकर एक दूसरे को फ्रेंच किस किया में बहुत मज़े लेकर मेरी हॉट सेक्सी भाभी के रसभरे होंठो के प्याले पीता रहा और अब अपने हाथों से उनके बूब्स को भी दबाता रहा। फिर उसके कुछ देर बाद भाभी ने मुझे अपने से अलग कर दिया और फिर उन्होंने झट से अपनी कमीज़ को उतार दिया। में तो ख़ुशी की वजह से पागल हो रहा था। मैंने जब उनकी ब्रा को देखा तो मेरे लंड से पानी निकल गया। उन्होंने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी।

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अब में तुरंत उनकी ब्रा में घुस गया और उनकी ब्रा को पागलों की तरह चाटने चूमने लगा, मुझे उनकी ब्रा से आती हुई वो पसीने की भीनी भीनी खुशबू बहुत अच्छी लग रही थी, इसलिए में उसको सूंघते हुए धीरे धीरे मदहोश हुआ जा रहा था और वैसे में उस वक़्त तक आधा झड़ चुका था। फिर उसके कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा कि तुम इसके आगे भी बड़ोगे या यहीं इस ब्रा पर ही लगे रहोगे? मैंने अब यह बात सुनकर तुरंत ही उनकी उस ब्रा को अपने दोनों हाथों से नीचे उतार दिया और जैसे ही मैंने उस ब्रा को उतारा उनके बूब्स बाहर आकर छलक गए। वो अब मेरे सामने आकर खुली हवा में सांसे लेने लगे थे। फिर मैंने उनको देखकर अपने होश पूरी तरह से खोकर तुरंत ही अपने दोनों हाथों से उनको पकड़ लिया और अब में दोनों बूब्स को बारी बारी से चूसने, चाटने लगा और बड़े ही आराम आराम से दबाने भी लगा था। इस वक़्त मेरा लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हो चुका था। फिर मैंने बिना देर किए अपनी पेंट को उतार दिया और उसके बाद भाभी का ट्राउज़र भी उतार दिया।

दोस्तों इस तरह अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे। फिर जब हम नंगे हो गए तो भाभी ने मेरा पांच इंच का लंड देखा और उन्होंने तुरंत उसको अपने मुहं में ले लिया, जिसकी वजह से में बड़ा चकित हो गया और फिर भाभी ने मुझे चूसने के मज़े दिए और जब भाभी ने मेरा लंड बहुत देर तक चूस लिया, तो मैंने उनसे कहा कि भाभी अब आप लेट जाओ और वो मेरे कहने पर लेट गई और में उनकी गोरी गरम दोनों जांघो के बीच में आ गया और में उनकी चूत को चाटने लगा और मैंने उनकी चूत को बहुत देर तक पूरा मज़ा लेकर चाटा। उनकी चूत को अपनी जीभ से चुदाई का मज़ा दिया और बहुत देर बाद जब मैंने उनकी चूत का रस चूस लिया तो फिर में अपनी ऊँगली से उनकी चूत की चुदाई करने लगा, जिसकी वजह से भाभी को बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था, वो पूरी तरह से जोश में आकर पागल होकर बस कह रही थी उफ्फ्फ्फ़ ऊह्ह्ह्ह हाँ विक्की बेटा अब तुम मुझे चुदाई का मज़ा दो मेरी मस्त जमकर चुदाई करो, प्लीज अब तुम मेरी चुदाई करो प्लीज अब तुम अपने लंड से मुझे चोदकर खुश करो प्लीज और उसके बाद मैंने भी बिना देर किए अपना लंड उनकी नरम गीली कामुक चूत के मुहं पर रख दिया, उसके बाद मैंने धीरे धीरे दबाव देते हुए अपने लंड को चूत के अंदर डाल दिया।

अब में लंड को धीरे धीरे चूत के अंदर बाहर करने लगा था वाह उफ़फ्फ़ आह्ह्ह्ह सस्स्स्सम्म बस मुझे मस्त मज़ा आ रहा था, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता। पूरे कमरे बस अब उनके मुहं से निकली सिसकियों की आवाज आ रही थी और फिर मैंने बहुत देर तक भाभी को अपनी तरफ से तेज गती के धक्के देकर चुदाई के मस्त मज़े दिए और इधर में उनको अपने लंड से चोद रहा था तो उधर में उनको फ्रेंच किस भी कर रहा था और उनके बूब्स को दबाने के साथ साथ सहला भी रहा था। अब भाभी भी अपनी चुदाई के मज़े लेकर अपनी गांड को ऊपर उठाकर मेरा साथ देते हुए अपनी तरफ से वो भी धक्के दे रही थी। मुझे वो समां बहुत अच्छा लग रहा था। दोस्तों मैंने उस समय दिल भरकर अपनी भाभी को प्यार किया और उनको हर एक जगह से चूमा। भाभी मेरे प्यार को देखकर खुश होने लगी और फिर मैंने करीब बीस मिनट तक लगातार धक्के देने के बाद उनको कहा कि भाभी में अब झड़ने वाला हूँ आप अब मुझे बताए कि में कहाँ अपने इस वीर्य को निकालूं? तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम इसको मेरे अंदर ही हो जाने दो, विक्की में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। तुम बहुत अच्छे हो, तुम आज अंदर ही झड़ जाओ, क्योंकि में तुम्हारा बच्चा पैदा करना चाहती हूँ।

फिर यह बात उनके मुहं से सुनने के बाद मैंने पूरी तरह से जोश में आकर अपनी तरफ से उनको बड़े ही तेज़ धक्के दिए और उन्ही तेज धक्को ने उनकी चूत को संतुष्टि की चरम सीमा तक पहुंचा दिया था, इसलिए वो बहुत अच्छा महसूस कर रही थी और करीब पांच मिनट के बाद में झड़ गया और मैंने अपना पूरा वीर्य उनकी गीली जोश से भरी हुई चूत में ही निकाल दिया, जो अब चूत के पूरी तरह से भर जाने की वजह से बाहर भी आकर बहने लगा था और फिर कुछ देर बाद जब मैंने अपना लंड शांत होकर छोटा हो जाने के बाद उनकी चूत से बाहर निकाल लिया। अब में उनके पास में ही आकर लेट गया और वो अब अपनी चूत को अपने हाथ से छूकर देख रही थी और वो अपने चेहरे से मुझे बहुत ही खुश नजर आ रही थी।

दोस्तों इस तरह से मैंने अपने प्यारी भाभी कोमल को उस रात में मस्त चुदाई के मज़े दिए और बड़े तेज धक्के देकर उनको पूरी तरह से संतुष्ट किया, जिसकी वजह से हम दोनों ही बहुत खुश थे, लेकिन अपनी भाभी को एक बार चोदने के बाद में अब पहले से भी ज्यादा पागल हो गया था। मुझे बस कोई भी अच्छे मौके की तलाश रहती और वो मौका मिलते ही में अपनी भाभी की चुदाई करने लगता और हर बार वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देती। ऐसा हम दोनों ने खुश होकर बहुत बार किया ।।

धन्यवाद …

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