मोनिका ने मेरे लंड को पसंद किया

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम विनय है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी लम्बाई 5.9 है और मेरा शरीर बहुत अच्छी बनावट का बहुत गठीला है। दोस्तों आज से पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन अब कई बार मैंने कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ जरुर पढ़ी है और ऐसा में पिछले कुछ सालों से लगातार करता आ रहा हूँ क्योंकि मुझे ऐसा करने में बड़ा मज़ा आता है और मैंने एक दो ब्लू फिल्म भी देखी है इसलिए अब मेरा थोड़ा थोड़ा सेक्स करने का मन भी करने लगा है, लेकिन में उस काम को करने में थोड़ा सा शरमाता भी था। अब मेरी उम्र 28 साल है, लेकिन यह घटना जिसको में आज आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ कुछ समय पहले की है। तब में 12th के पेपर दे चुका था और हम सभी करीब दस बच्चे हमारे मकान में जिसमे तीन कमरे थे जो हमेशा खाली रहता था और हम सभी उसमे छुपन छिपाई खेलते थे ऐसा हम सभी लोग जब से छोटे थे तब से करते आ रहे थे और इस वजह से हमारे घरवाले भी जानते थे कि हम सभी लोग मिलकर हमारा खेल खेल रहे होंगे इसलिए हमें कोई भी बीच में आकर परेशान नहीं करता था और हमारे साथ मोनिका नाम की मेरे पड़ोस में रहने वाली बहुत ही सुंदर गोरी लड़की जिसके बूब्स का आकार अब पहले से ज्यादा बड़ा होकर उसके कपड़े से बाहर नजर आने लगा था उसके शरीर के अंग अब उसकी चढ़ती जवानी के साथ साथ अपना आकार भी बदलने लगे थे, इसलिए मन ही मन में उसको पसंद भी करने लगा था और अब वो भी हम सभी लोगो के साथ 18 साल से ज्यादा उम्र की होने लगी थी और मोनिका अपने रंग चेहरे की वजह से बिल्कुल विदेशी लड़की लगती थी। उसकी वो नीली नशीली आखें गोरी चमड़ी बालो का रंग एकदम भूरा, उसके बूब्स करीब 32 इंच के होंगे वो दिखने में एक मॉडल की तरह लगती थी।

दोस्तों हम सभी लोग उस दिन भी उस खेल को खेल रहे थे और तब जहाँ में छिपता मोनिका भी मेरे पीछे चुप रही थी। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि में शरमाकर कहीं और छुप जाता, लेकिन में थोड़ा सा उत्तेजित हो रहा था। फिर दूसरे दिन शाम के करीब 6 बजे का समय था उस दिन बच्चे भी कम थे मोनिका उस दिन भी मेरे पीछे छुप रही थी और तब मेरी समझ में आ गया कि यह मुझसे क्या चाहती है? थोड़ी देर के बाद सभी बच्चे खेलकर अपने अपने घर चले गये, लेकिन मोनिका अपने घर नहीं गई। उस समय 6.45 का समय हो रहा था और अब बाहर थोड़ा सा अंधेरा भी हो गया था। तो में अपने कमरे में चला गया और तब मोनिका भी मेरे पीछे पीछे आ गयी। उस रूम में एक बेड लगा हुआ था और टीवी भी था हम दोनों उस बेड पर बैठ गये। फिर मैंने टीवी को चालू कर दिया और मैंने फिल्म का चैनल लगा रखा था। उसमे कुछ देर बाद एक फिल्म में हॉट किस्सिंग का द्रश्य आने लगा था। तो में उसको देखकर चेनल को बदलने लगा तभी मोनिका ने मुझसे कहा कि नहीं तुम इसको चलने दो, इतना कहकर वो खिसककर अब मेरे एकदम पास आ गयी थी और कुछ देर बाद उसने धीरे से मेरा एक हाथ पकड़ लिया जिसकी वजह से मेरी साँसे तेज़ हो गयी। अब मेरी हिम्मत भी बढ़ गयी तो मैंने उससे पूछा कि मोनिका क्या तुमने कभी किस किया है? तो उसने कहा कि नहीं, अब मैंने उससे कहा कि में आज तुम्हे एक बार किस करना चाहता हूँ। फिर उसने मेरे मुहं से यह बात सुनकर झट से हाँ कर दिया और मैंने उसके बालों को पीछे से अपने एक हाथ से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और फिर में धीरे से उसके होठों पर किस करने लगा था। वो मेरा पहला किस मस्त मज़ेदार अनुभव था और कुछ देर बाद मैंने धीरे से अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को उसकी कमीज़ के ऊपर से ही पकड़कर में उनको धीरे धीरे से दबाने सहलाने लगा था और उसने मेरा साथ देते हुए जोश में आकर मेरे होठों को चूसना शुरू किया। अब मैंने अब उसके जोश को देखकर उसकी कमीज़ के बटन को खोलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर बाद उसने किस करना बंद कर दिया और मेरा एक हाथ पकड़ लिया। मैंने दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर डालकर उसकी गोरी गरम जांघो पर रख दिया और में उसकी मुलायम जांघो को सहलाने लगा था। मेरे ऐसा करने की वजह से अब वो पागल सी हो गयी और वो मुझसे बोलने लगी कि नहीं अब रहने दो कोई आ जाएगा। फिर मैंने तुरंत उठकर दरवाजा अंदर से बंद किया और उसी समय अपनी पेंट को उतार दिया उस समय मेरा लंड पूरी तरह जोश में आकर तनकर खड़ा था और वो मेरी अंडरवियर से बाहर आने के लिए पागल हो चुका था, वो उस समय बेड पर बैठी हुई थी और में उसके सामने अंडरवियर में खड़ा हुआ था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मैंने उसको सर से पकड़कर अपने पेट से लगा दिया जिसकी वजह से मेरा लंड उसके बूब्स से छू गया और तभी उसने झट से पीछे हटकर मेरी अंडरवियर को बिना देर किए नीचे कर दिया और अब मेरा लंड बाहर आकर एकदम सीधा तनकर खड़ा था। फिर वो मेरे लंड को अब अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और उसके मुलायम होंठो की वजह से मुझे गुदगुदी हो रही थी उसी और समय मैंने अपनी शर्ट को भी उतार दिया और अब मैंने उसको अपने आप से थोड़ा दूर किया और अपनी अंडरवियर को नीचे ज़मीन पर निकाल दिया, उसके बाद मैंने जल्दी से उसकी कमीज़ के बटन खोल दिए जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने ब्रा में थी, लेकिन मैंने बिना देर किए उसकी ब्रा को भी खोल दिया और में उसके पूरे नंगे बूब्स को देखकर एकदम पागल हो गया और में उनको चूसने दबाने लगा, जिसकी वजह से वो अब मेरे सर को अपनी छाती पर दबाकर सिसकियाँ लेने लगी थी। वो आआहह ऊफ्फ्फ्फ़ मुझसे बोलने लगी ऊउह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चूसो।

अब में तेज ज्यादा ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को चूसने लगा और उसी के साथ मैंने अपने एक हाथ को उसकी स्कर्ट में डाल दिया और उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली को डालकर अंदर बाहर करने लगा। अब वो पहले से भी तेज़ तेज़ आवाज़ निकालने लगी और मुझसे कहने लगी कि नहीं उफ्फ्फ्फ़ आईईईई नहीं आह्ह्हह्ह, कुछ देर बाद मैंने उसको खड़ा किया और फिर उसकी स्कर्ट को भी उतार दिया, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने सिर्फ़ सफेद रंग की पेंटी में थी, जो चूत के पास वाले हिस्से पर हल्की सी गीली भी हो चुकी थी। उसने अब भी मेरा लंड अपने एक हाथ में पकड़ा हुआ था और वो उसको धीरे धीरे सहला रही थी, जिसकी वजह से में भी अब बिल्कुल पागल हो चुका था और थोड़ी ही देर के बाद में झड़ भी गया। फिर मैंने अपने गरम वीर्य को चादर से साफ किया और उसके बाद मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया, उस समय मेरा लंड थोड़ा ढीला हो चुका था। फिर मैंने अब उसको बेड पर लेटा दिया और में तुरंत उसके ऊपर लेट गया और मैंने उसको चूमना सहलाना शुरू किया और वो अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल रही थी और उसके वो बड़े आकार के एकदम मुलायम गोलमटोल बूब्स मेरी छाती से दबे हुए थे।

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अब में मन ही मन में यह बात सोच रहा था कि आज का यह समय यहीं पर ऐसे ही रुक जाए और में दो तीन मिनट के बाद दोबारा उसके बूब्स को चूसने लगा और में अपने एक हाथ को उसकी चूत पर हल्के बालों पर फेर रहा था और अब तक वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी। उस पूरे रूम में उसके मुहं से निकली वो आअहह आईईईई उह्ह्ह की आवाज़े आ रही थी। फिर तभी थोड़ी देर में ही मेरा लंड एक बार फिर से टाइट हो गया और अब वो भी बहुत गरम हो चुकी थी। तो में उसके ऊपर से हट गया और उसके पैरों पर आ गया। अब मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल गोरी थी जिस पर हल्के भूरे रंग के बाल थे और वो अब मेरे सामने थी। में उसके दोनों पैरों के बीच में आकर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों पैरों को ऊपर उठाया तो उसने मुझसे पूछा कि यह क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि अब तुम मुझे मत रोको जो भी में करता हूँ आज तुम मुझे वो सब करने दो। अब उसने मुझसे कहा कि मुझे, लेकिन अब बहुत डर लग रहा है कहीं कुछ गड़बड़ ना हो जाए और हमारे घरवालों को इस बात का पता चल गया तो वो मुझे बहुत मारेगे और मेरी इज्जत भी खराब हो सकती है, प्लीज अब बस भी करो।

फिर मैंने उससे कहा कि तुम किसी भी बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो, क्योंकि में अपने वीर्य को तुम्हारे अंदर नहीं निकालूँगा जिससे तुम्हे कुछ नहीं होगा और रही बात किसी तीसरे को पता चलने की तो यहाँ पर इस समय हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं है और ना तुम किसी को बताना और ना में बताऊंगा फिर कैसे किसी को पता चलेगा? तब वो मेरे बहुत बार कहने समझाने पर मान गई और उसके बाद उसने मुझसे कहा कि तुम ज़रा धीरे से डालना वरना मुझे बहुत दर्द होगा। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है में धीरे से करूंगा तुम्हे ज्यादा तेज दर्द नहीं होने दूँगा और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर में धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगा, क्योंकि उसकी चूत पहले से ही बहुत गीली हो चुकी थी और इसलिए मेरा लंड थोड़ा सा अंदर चला गया। फिर करीब एक इंच ही अंदर गया था और मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया तो वो चिल्ला पड़ी, उफ्फ्फ्फ़ प्लीज अब तुम इसको बाहर निकालो मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है। फिर में उसका दर्द चिल्लाना देखकर वैसे ही रुक गया और कुछ देर बाद वो धीरे धीरे शांत हो गयी और में तब तक अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा और थोड़ी देर के बाद मैंने सही मौका देखते एक झटका लगा दिया तो मेरा लंड अब तक दो इंच अंदर चला गया था और वो दर्द से चीख पड़ी।

अब में फिर से रुक गया और इससे पहले कि वो कुछ बोलती मैंने एक और झटका लगा दिया तो मेरा लंड अब तीन इंच तक और अंदर चला गया। अब वो दोबारा से चिल्लाए उससे पहले ही मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और मैंने देखा कि उसकी आखों से अब आँसू बाहर आ रहे थे और उसकी साँसे बहुत तेज़ हो गयी थी। फिर थोड़ी देर इसी पोज़िशन के बाद में थोड़ा अपने घुटनों पर खड़ा हुआ और मैंने अपने लंड को हल्का सा बाहर किया और फिर एक जोरदार धक्का लगा दिया। तो उसके मुहं से ज़ोर की चीख निकल गयी और उसकी चूत के अंदर से फ़चक की आवाज़ आई। अब मैंने उससे शांत होने के लिए और में उससे बोला कि आवाज़ बाहर ना जाए धीरे चिल्लाओ। तो वो चुप हो गयी और अब वो अपने सर को इधर उधर फेकने लगी। मैंने देखा कि उसकी चूत से खून भी आने लगा था और थोड़ी ही देर में वो शांत भी हो गयी। मेरा लंड अब थोड़ा सा ही बाहर था, फिर तभी थोड़ी देर बाद वो अपनी चूत को हिलाने लगी तो मैंने अब ज़्यादा देर ना लगाते हुए अपने लंड को हल्के हल्के अंदर बाहर करना शुरू किया। अब उसको भी मज़े आने लगे और वो आहह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ करने लगी और फिर वो कुछ देर बाद बोली हाँ और ज़ोर से करो ऊऊईईई हाँ पूरा अंदर तक जाने दो। फिर उसके मुहं से इतना सुनते ही मुझे जोश आ गया, में और भी ज़ोर से झटके लगाने लगा। अब वो फिर से चिल्लाने लगी, धीरे करो अब मैंने कुछ नहीं सुना और में ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रहा था, वो चिल्ला रही थी अब बस भी करो। फिर थोड़ी देर बाद ही में झड़ने वाला था, इसलिए मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया और मेरे लंड से एक तेज़ फुहार निकली जो चादर पर गिरी, मेरे साथ साथ वो भी झड़ रही थी और वो चादर उसकी चूत के खून से पूरी लाल हो चुकी थी। वो कुछ देर तक ऐसे ही पढ़ी रही और में झड़ जाने के बाद अपने लंड को चादर से साफ कर रहा था और फिर उसके बाद में उसी के साथ वापस लेट गया। वो बहुत थकी हुई पड़ी थी और में उसके बूब्स हल्के से दबा रहा था।

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फिर मैंने उसको बताया कि अब आठ बजने वाले है तो वो यह बात सुनकर उठकर खड़ी हो गयी और तुरंत बाथरूम में जाकर अपने को धोने लगी। मैंने भी उसके साथ बाथरूम में जाकर अपने लंड की धुलाई कि और उसके बाद उस चादर को भी धो दिया, लेकिन वो खून के दाग अभी भी उस चादर पर वैसे ही थे तो मैंने उस चादर को कहीं दूसरी जगह पर छुपा दिया और एक नयी चादर को बेड में से निकालकर उस पर बिछा दिया और अब वो भी अपने कपड़े पहनकर वापस अपने घर पर जाने लगी। फिर मैंने उसको एक किस किया और वो मुझसे बोली कि मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हो रहा है और अब मैंने उसको बहुत प्यार से समझाया कि पहली बार ऐसा दर्द सभी को होता है, लेकिन यह दर्द अभी कुछ देर के बाद अपने आप चला जाएगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा और वो फिर वहां से चली गयी। दोस्तों उस पहली चुदाई के बाद हम दोनों ने कई बार चुदाई के वैसे ही मज़े लिए और हर बार उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया, लेकिन जो मजा मुझे मोनिका की चूत में आया किसी की चूत में नहीं आया, क्योंकि उसकी चूत बड़ी मुलायम थी और उसकी मेरे साथ पहली चुदाई थी मैंने उसकी कुंवारी चूत को चोदकर उसकी सील को तोड़ दिया था, लेकिन वो वैसे मज़े मुझे अपनी पत्नी की चुदाई करने से भी नहीं आए जितना सुख मुझे पहली बार मोनिका की चुदाई करते समय मिला था और अब उसकी भी शादी हो चुकी है, लेकिन मेरी उससे बात होती रहती है और वो भी हर कभी मुझसे कहती है कि उसको भी उसके पति के साथ चुदाई के वैसे उतने ज़्यादा मज़े नहीं आते और उसको इसलिए अच्छा भी नहीं लगता। दोस्तों यह थी मेरी पहली चुदाई की कहानी ।।

धन्यवाद …

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