गाँव का हरामी साहूकार – लालाजी 11

पिंकी का दिल धाड़ antarvasna कर रहा था kamukta ये पहला मौका था जब वो निशि के बिना लालाजी के पास आई थी… और धूर्त लाला ने मौका देखते ही उसे अपने झाँसे में ले लिया..

फिर पिंकी ने सोचा की अच्छा ही हुआ जो निशि नही आई वरना लालाजी ये बात बोल ही ना पाते..

अंदर जाते ही लालजी ने अपना कुर्ता उतार दिया..
उनका गठीला बदन देखकर पिंकी के रोँये खड़े हो गये…
जाँघो के बीच रसीलापन आ गया और आँखों में गुलाबीपन..

लालाजी अपने बिस्तर पर उल्टे होकर लेट गये और पिंकी को एक छोटी सी शीशी देकर पीठ पर मालिश करने को कहा…

पिंकी ने तेल अपने हाथ में लेकर जब लालाजी के बदन पर लगाया तो उनके मुँह से एक ठंडी आह निकल गयी…

”आआआआआआआआअहह …… वाााहह पिंकी….. तेरे हाथ कितने मुलायम है…. मज़ा आ गया…. ऐसा लग रहा है जैसे रयी छुआ रही है मेरे जिस्म से….आआआअहह शाबाश….. थोड़ा और रगड़ के कर ….आहह”

लालाजी उल्टे लेटे थे और इसी वजह से उन्हे प्राब्लम भी हो रही थी…
उनका खूँटे जैसा लंड खड़ा हो चुका था…
लालाजी ने अपना हाथ नीचे लेजाकर किसी तरह से उसे एडजस्ट करके उपर की तरफ कर लिया…
उनके लंड का सुपाड़ा उनकी नाभि को टच कर रहा था…
पर अभी भी उन्हे खड़े लंड की वजह से उल्टा लेटने में परेशानी हो रही थी…

पिंकी ये सब नोट कर रही थी…
और उसे लालाजी की हालत पर हँसी भी आ रही थी.

उसने उन्हे सताने का एक तरीका निकाला..

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वो बोली : “लालाजी ..ऐसे हाथ सही से नही पड़ रहा…क्या मैं आपके उपर बैठ जाऊं ..”

लालाजी की तो आँखे फैल गयी ये सुनकर…
नेकी और पूछ -2…
लालाजी ने तुरंत लंबी वाली हाँ कर दी…

बस फिर क्या था, पिंकी किसी बंदरिया की तरह उछल कर उनके कूल्हों पर बैठ गयी…

लालाजी तो जैसे जीते-जागते स्वर्ग में पहुँच गये…
ऐसा गद्देदार एहसास तो उन्हे अपने जीवन में आजतक नही मिला था…
ये पिंकी के वही कूल्हे थे जिन्हे इधर-उधर मटकते देखकर वो अपनी आँखे सेका करते थे…
आज उसी डबल रोटी जैसी गांड से वो उनके चूतड़ों पर घिसाई कर रही थी…

पिंकी ने अपनी टांगे मोड़ कर साइड में लगा दी और दोनो हाथो से उनकी पीठ को उपर से नीचे तक उस तेल से रगड़ने लगी..

लालाजी को एक तरफ मज़ा तो बहुत आ रहा था पर उनकी वो तकलीफ़ पहले से ज़्यादा बढ़ चुकी थी…
उनका लंड नीचे दबकर पहले ही फँसा हुआ सा पड़ा था, उपर से पिंकी का भार आ जाने की वजह से उसका कचुंबर सा निकालने को हो गया था…जैसे कोई मोटा अजगर किसी चट्टान के नीचे दब गया हो
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