चालबाज मामी का चूत पूजन

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम Antarvasna रोनक पटेल है और में 19 साल का हूँ और में आप लोगों की तरह पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम का बहुत ही बड़ा चाहने वाला हूँ। दोस्तों आज में आप सभी के साथ अपनी एक सच्ची कहानी सुनाना चाहता हूँ, जो आज से करीब पांच साल पहले मेरे साथ घटी थी और यह बात दोस्तों उन दिनों की है, जब में अपने मामा के घर में रहता था और वैसे मेरे मामा अहमदाबाद में रहते है। उनके घर में मामा और मामी बस दो ही लोग रहते है और तब तक उनकी शादी को पूरे आठ साल हो चुके थे, लेकिन उनके अब तक कोई बच्चा नहीं था और में उस समय अपने पूरे परिवार के साथ अहमदाबाद के पास एक छोटे से गाँव में रहते थे और वहां पर मेरी आगे की पढ़ाई के लिए कोई अच्छा स्कूल नहीं था, इसलिए घर में सभी के कहने से यह तय हुआ कि में अब अपनी आगे की पढ़ाई को अहमदाबाद में अपने मामा के पास रहकर ही पूरी करूंगा।

दोस्तों वैसे में यह बात आप लोगों को बता दूँ कि मेरे मामा एक वकील है और उन्हें अपने काम की वजह से कभी कभी शहर से बाहर दूसरे शहर भी जाना पड़ता है और अब में आप लोगों को अपनी आज की कहानी सुनाता हूँ। दोस्तों जैसा कि मैंने पहले ही आपको बताया कि में अपने मामा के यहाँ पर ही रहता था और तब उन दिनों मेरे मामा भी अपने केस के सिलसिले में मुंबई गए हुए थे और घर पर में और मेरी मामी ही थे।

दोस्तों उन दिनों में अपने आप में कुछ अलग सा बदलाव महसूस कर रहा था, लेकिन में कुछ भी समझ नहीं पा रहा था कि में क्या करूं? क्योंकि पहली बार रात को सोते समय मेरे लंड से गाड़ा सफेद दूध जैसा कुछ प्रदार्थ निकला था और उसको देखकर में तो बहुत परेशान हो गया और में जल्दी से उठकर बाथरूम में चला गया और मैंने अपनी अंडरवियर को बदलकर अपना लंड धो डाला, लेकिन में उस समय जल्दी में अपनी अंडरवियर को साफ करना भूल गया। फिर दोबारा दूसरी रात को भी ठीक वैसा ही हुआ, में तो डर गया कि मुझे कहीं कोई बीमारी तो नहीं हो गयी। फिर दूसरे दिन जब में सो रहा था, तो मुझे ऐसा लगा कि किसी ने मेरे लंड के ऊपर अपने हाथ से छुआ हो और तभी मेरी मामी ने मुझे उठाया। मैंने उन्हे मॉर्निंग विश किया और उन्होंने मुझसे कहा कि आज रविवार है और में जल्दी उठ जाऊं तो वो उनका बाकी का सारा काम निपटा सके, में जल्दी से उठा और ब्रश करने लगा और इतने में मामी दो बाल्टी भरकर गरम पानी लेकर आ गई और वो मुझसे बोली कि जल्दी कर। दोस्तों वैसे में आप लोगों को बता दूं कि उस समय मुझे अपने सर के बाल धोने नहीं आते थे, इसलिए मेरी मामी हमेशा मेरे बाल धो देती थी और फिर वो एक स्टूल पर बैठ गयी और में उनके सामने ज़मीन पर बैठ गया। फिर मैंने अपना बनियान और अपनी छोटी पेंट पहनी हुई थी, तब वो मुझसे कहने लगी कि तू यहाँ पर आकर बिगड़ गया है, ठीक से नहाना भी नहीं आता, तेरी माँ तो मुझे ही ताना मारेगी कि मैंने उनके बेटे का ठीक से ख्याल भी नहीं रखा, इसलिए आज में तुझे अपने हाथों से अच्छी तरह से घिस घिसकर नहलाऊँगी और वो अब मुझसे अपने कपड़े उतारने को कहने लगी। अब मैंने अपनी मामी को समझाया और कहा कि मामी आप बिल्कुल भी चिंता मत करिए, में आज अच्छी तरह से नहा लूँगा, लेकिन फिर उन्होंने मुझसे कहा कि नहीं आज में तेरी कोई बात नहीं सुनने वाली और अब में उनकी जिद के आगे हार गया और मैंने अपना बनियान उतार दिया, इतने में वो मुझसे कहने लगी कि यह पेंट भी उतार दो। फिर मैंने वो भी उतार दिया और अब में सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में अपनी मामी के सामने खड़ा था। तभी मामी ने मुझसे कहा कि यह भी उतार दो। तब मैंने मामी को साफ मना कर दिया और में उनसे कहने लगा कि मुझे नहीं नहाना, तो मामी बोली कि अच्छा तो ठीक है, में तो तुम्हारे ही भले के लिए ही कह रही थी, अब चलो और फिर उन्होंने मुझे एक छोटा सा स्टूल बैठने के लिए दे दिया और वो मुझे नहलाने लगी और मेरे सर पर शेम्पू लगाने के बाद उन्होंने मेरे पूरे बदन पर साबुन लगाना चालू कर दिया और उस दिन मुझे पहली बार अपनी मामी का स्पर्श कुछ अजीब सा लग रहा था और जिसकी वजह से अब मेरे लंड में कुछ अजीब सी हरकत होने लगी थी। फिर इतने में मामी मुझसे बोली कि रोनक ज़रा अब तुम सीधे खड़े हो जाओ, तुम्हारे स्टूल के नीचे साबुन चला गया है, लेकिन मेरे सर पर शेम्पू लगे होने की वजह से उस समय मेरी दोनों आखें बंद थी इसलिए में उनके कहने पर चुपचाप सीधा खड़ा हो गया, लेकिन मुझे क्या पता था कि वो मेरी मामी की एक चाल थी? और जैसे ही में खड़ा हुआ तो मामी ने झट से एक झटके के साथ मेरी अंडरवियर को नीचे खींचकर उतार दिया और अब में अपनी मामी के सामने पूरा नंगा खड़ा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर तभी मामी ने कहा कि हाँ अब तुम नीचे बैठ जाओ, अब में तुम्हें ठीक तरह से नहलाउंगी और मुझसे इतना कहकर मामी ने अपने साबुन वाले हाथों से मेरे लंड को तुरंत जा पकड़ा तो उस वजह से मेरे पूरे बदन में एक अजीब सा करंट सा दौड़ गया और मेरे पूरे शरीर में मानो उस समय जैसे किसी ने मेरे लंड पर बिजली के तार बाँध दिए हो और फिर में मामी से कहता रहा, प्लीज मामी आप अब ऐसा मत करिए, मुझे शरम आ रही है, लेकिन आज उनमें कुछ अजीब सा बदलाव था, मानो जैसे कि वो मेरी मामी ही ना हो और कोई दूसरी कोई औरत हो, इतने में उन्होंने मेरे लंड के ऊपर की चमड़ी को नीचे किया और दबा दिया, जिसकी वजह से मेरे मुहं से एक चीख निकल पड़ी। अब वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। इस पर मुझे पहले तो थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन थोड़ी देर बाद इतना मज़ा आ रहा था कि मानो जैसे में जन्नत की सैर कर रहा हूँ और मेरे मुहं से पागलों की तरह आवाज़े बाहर निकलने लगी, इस पर मामी ने अपनी स्पीड को और ज्यादा बढ़ा दिया और फिर मुझे अपने लंड में वो रात वाली सनसनी एक बार फिर से महसूस हुई, लेकिन इससे पहले कि में कुछ कहता मेरे लंड ने एक ज़ोरदार झटका खाया और एक बंदूक की गोली की तरह मैंने अपना सारा गाड़ा गरम दूध मामी के मुहं पर छोड़ दिया, जो मुहं से टपकते हुए सीधा उनके गोरे गोलमटोल बूब्स पर जा पहुंचा, जिसकी वजह से मामी डर गई। अब मामी तुरंत उठकर खड़ी होकर बाहर चली गयी, जिसकी वजह से मुझे भी बहुत बुरा लगा और फिर में मन ही मन में सोचने लगा कि मैंने अपनी मामी के मुहं पर अपना सफेद पेशाब कर दिया और फिर में कुछ देर बाद नहाकर बाहर आ गया।

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उस समय दोस्तों मैंने सिर्फ़ एक टावल लपेटा हुआ था। फिर मैंने देखा कि मेरी मामी सोफे पर बैठी हुई है तो में उनके पास चला गया और अब में अपने सर को नीचे झुकाकर बाथरूम के अंदर हुए उस हादसे के लिए मामी से माफी भी माँगने लगा। फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा और उन्होंने मुझसे पूछा कि ऐसा तुम्हारे साथ कब से हो रहा है और तुम्हें यह सफेद दूध कब से निकल रहा है? और तब मैंने उनको अपने मन की वो सभी बातें और मेरे साथ रात को हुई वो सभी घटनायें सच सच बता दी। फिर उन्होंने मेरी तरफ अपनी निराशा भरी नज़रों से देखा और पूछा कि क्या तुमने किसी और से यह बात कही है? तो मैंने उससे कहा कि नहीं। तब उन्होंने कहा कि ठीक है तुम वैसे यह बातें किसी को बताना भी मत और वो मुझसे बोली कि यह बहुत ही गम्भीर बात है, में अपनी मामी की उस बात को सुनकर बहुत घबरा गया और मैंने मामी से पूछा कि मुझे क्या हुआ है? तब मामी ने बताया कि मुझ पर लंड देव का प्रकोप है और इसको टालने के लिए इसका कोई उपाय करना होगा। तभी मामी के मुहं से यह बातें सुनकर मेरा तो दिल बैठा जा रहा था, इसलिए मैंने डरते हुए अपनी मामी से पूछा कि यह लंड देव कौन है और इनसे बचने का क्या है? तब मामी ने मुझसे पूछा क्या तुम लंड देव को नहीं जानते? मैंने कहा कि नहीं तो उन्होंने मुझे लंड देव की कहानी सुनाई तो वो बोली कि हज़ारों साल पहले की बात है और इस धरती पर लंड देव और उनकी पत्नी देवी योनी रहा करती थी और उनके पास एक अमृत कुंज था, जिसमें जहाँ कहीं वो अमृत की बूंदे डालते वहाँ एक बालक जन्म लेता था, लेकिन एक दिन लंड देव जंगल में टहल रहे थे कि तभी उनको ज़ोर से पेशाब लगी। फिर उन्होंने एक पहाड़ी पर खड़े रहकर पेशाब कर लिया, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि नीचे एक महर्षि तप में लीन थे और जैसे ही लंड देव के पेशाब की बूंद महर्षि पर पड़ा तो उनका तप भंग हो गया और उस वजह से उनका क्रोध भड़क उठा और उन्होंने बिना देखे लंड देव को श्राप दे दिया कि जिस अंग से तूने मेरी तपस्या को आज भंग किया है आज से तू उसी अंग में वास करेगा और तब से लंड देव लड़को के पेशाब नली में ही वास करने लगे और जब से यह बात देवी योनी को पता चली तो वो घबराकर दौड़ी दौड़ी महर्षि के पास चली गयी और वो ज़ोर ज़ोर से रोते हुए उनके पैरों में गिरकर लंड देव को उनके उस श्राप से मुक्त करने की प्रार्थना करने लगी। अब महर्षि ने देवी योनी से कहा कि मेरा यह श्राप तो अटल है और अब वो वापस नहीं लिया जा सकता और तब देवी योनी ने महर्षि से अपने और लंड देव के मिलन का उपाय उनसे पूछा। फिर महर्षि ने उनसे कहा कि बस इसका सिर्फ़ एक ही उपाय है कि जैसे लंड देव मर्दो की पेशाब की जगह में वास करते है और तुम भी आज से औरतों की पेशाब की जगह में वास करो और तब देवी योनी ने महर्षि से उस काम को करने के लिए आज्ञा माँगी और देवी ने कहा कि मुझे आपकी यह बात मंजूर है और तब से देवी योनी हम औरतों की पेशाब वाली जगह में वास करती है और फिर जब भी किसी लड़के के ऊपर लंड देव का प्रकोप आता है तो सिर्फ़ और सिर्फ़ देवी योनी ही उसे शांत कर सकती है और इसकी विधि अनुसार पूजा करनी पड़ती है।

अब मामी ने अपनी कहानी को पूरा करते हुए मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने उनसे कहा कि नहीं और तभी मेरी बात को सुनकर मेरी मामी की आँखो में आँसू आ गये और यह सब देखकर मेरा तो जी दोबारा घबरा गया और में बहुत चिंतित होता हुआ अपनी उदास मामी से पूछ बैठा कि मामी क्या हुआ? तब मामी मुझसे बोली कि अब तुझे सिर्फ़ देवी योनी ही बचा सकती है और कोई नहीं, अगर तुझे कल सवेरे से पहले कोई योनी नहीं मिली तो। अब मैंने उनसे पूछा कि मामी तो क्या होगा? वो कहने लगी कि वरना तू छक्का यानी हिजड़ा बन जाएगा। दोस्तों अपनी मामी के मुहं से यह बात सुनकर मेरे तो दोनों कान खड़े हो गये और मेरे माथे से पसीना बहने लगा। में अब बहुत ज्यादा घबरा गया था और इसलिए मैंने डरते हुए अपनी मामी से कहा कि मामी मुझे छक्का नहीं बनना, आप ही प्लीज कुछ कीजिए, प्लीज आप मुझे बचा लीजिए, इस समस्या का कोई तो उपाय आप मुझे बताए?

अब कुछ देर सोचकर मामी ने मुझसे कहा कि मेरे पास एक दूसरा रास्ता भी है, जिस पर चलकर तुझे इस समस्या का हल हमेशा के लिए मिल जाएगा, लेकिन उससे पहले तुझे मुझे एक वचन देना होगा कि तू यह बात किसी को नहीं बताएगा और कुछ भी नहीं कहेगा। अब मैंने अपनी मामी को किसी को कुछ भी ना बताने का वचन दे दिया और तब मामी ने मुझसे कहा कि हाँ में दूँगी अपनी योनी तुझे और तू अपनी उस समस्या को मेरी वजह से हमेशा के लिए खत्म कर सकता है। दोस्तों मुझे तो मामी के कहे उन शब्दों को सुनकर अपने कानों पर बिल्कुल भी विश्वास ही नहीं हो रहा था और में उनकी उस बात की वजह से बहुत चकित था। अब मामी ने मेरी तरफ हंसते हुए मुझसे कहा कि में भी तुझे कभी भी छक्का बनता हुआ नहीं देख सकती, इसलिए में तुझे अपनी योनी देकर तेरे लंड के उस भयंकर प्रकोप को हमेशा के लिए दूर कर दूंगी, लेकिन तुझे अपना यह वादा हमेशा याद रखना होगा और बोली कि ठहर में पूजा की सारी सामग्री तैयारी करती हूँ, लेकिन तुझे पूजा करने के बाद तुरंत देवी योनी को रिझाना होगा, अगर वो मान गई तो समझ ले कि लंड देव भी खुश हो जाएँगे और वो तुझे अपना आशीर्वाद भी देंगे और अब मामी मुझसे यह सभी बातें कहकर तुरंत उठकर खड़ी हो गई और वो मुझसे कहने लगी कि तू यहीं बैठ में अभी आई। फिर कुछ देर के बाद मामी अपने हाथ में एक थाली, अगरबत्ती, दिया और एक सीडी की केसेट लेकर ड्रॉयिंग रूम में आ गई और उन्होंने मुझे भी अपने साथ नीचे ज़मीन पर बैठने को कहा। फिर मैंने भी ठीक वैसा ही किया जैसा जैसा उन्होंने मुझसे कहा, क्योंकि में मामी की बातों से इतना तो प्रभावित हुआ था कि में अब मन ही मन सोचने लगा कि कहीं में सच में छक्का ना बन जाऊं? फिर मामी ने पूजा की थाली को नीचे रख दिया और मुझसे कहा कि तू ध्यान से देख इस सीडी में योनी को कैसे रिझाते है, यह सब दिखाया है तू यह सब देखकर सीख ले, क्योंकि पूजा खत्म होते ही तुझे भी यह सब करना होगा और अब उन्होंने उस सीडी को सीडी प्लेयर में लगा दिया और टी.वी. को चालू कर दिया और फिर मैंने उसके बाद जो भी देखा, में आज भी वो सब नहीं भूल सका, मेरी वो पहली ब्लूफिल्म थी और उसमें एक लड़की सिर्फ़ अपनी पेंटी में पलंग पर लेटी हुई थी और फिर कुछ देर बाद एक आदमी ने उसके पास आकर उसकी पेंटी को उतार दिया और फिर उसके तुरंत बाद वो लड़की के दोनों पैरों को पूरा फैलाकर अपने मुहं से उसकी योनी को बहुत मज़े लेकर चाटने लगा। अब यह सब देखकर मेरा लंड भी अब धीरे धीरे खड़ा होकर अपना आकार बदलने लगा था, मामी ने यह देखा तो वो मुझसे बोली कि देख तेरे उस अंग में अब लंड देव प्रवेश कर रहे है और उन्होंने मेरा टावल एक झटका देकर हटा दिया और उन्होंने नीचे झुककर प्रणाम किया। फिर मैंने टी.वी. में देखा कि किस तरह वो आदमी उस लड़की की योनी को अपनी जीभ से चाट चाटकर उसकी चूत का रस पी रहा था और कुछ देर बाद में वो लड़की भी उस लड़के का लंड अपने मुहं में लेकर उसको लोलीपोप की तरह चूसने लगी और फिर आखिरकार में वो आदमी अपना लंड उस लड़की की योनी में अपने लंड को डाल देता है और फिर वो आगे पीछे करके झटके मारने लगता है और फिर कुछ देर बाद वो फिल्म पूरी हो गयी।

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फिर मामी ने मुझसे पूछा कि तू अब सब कुछ ठीक तरह से समझ गया ना कि कैसे तुझे योनी देवी को रिझाना और लुभाना है? तो मैंने उनसे हाँ कहा और तब मामी ने मुझसे कहा कि चलो अब हम पूजा शुरू करते है। तब मैंने अपनी मामी से पूछा कि पूजा में मुझे क्या करना होगा? इस पर मामी मुझसे कहने लगी कि जैसे में कहूँ तू वैसे ही करते जाना, यह बात कहकर मामी खड़ी हो गई और उन्होंने अपने पूरे कपड़े उतार दिए। दोस्तों में अपने मन की सच्ची बात बताऊं तो वो वाहह क्या मस्त मनमोहक द्रश्य था? जिसमें मेरी मामी मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी और में अपनी चकित आखें फाड़ फाड़कर उनको देखता रहा और में आज भी उस सेक्सी द्रश्य को नहीं भुला सका, क्योंकि में देख रहा था कि मेरे सामने मेरी मामी उनके बड़े बड़े आकार के स्तन, उनकी बिना बालों वाली एकदम गोरी चिकनी चूत आज भी जब मुझे वो याद आती है तो मेरा लंड बस उसको सोचकर ही तनकर लंड खड़ा हो जाता है। फिर मामी मेरे सामने नीचे बैठ गई और वो मुझसे कहने लगी कि रोनक अब देख जैसा में तुझसे कहती हूँ तू ठीक वैसा ही करते जाना और फिर मैंने उनको अपना सर हिलाकर बहुत धीमी आवाज में कहा कि हाँ और वो मेरा जवाब सुनकर खुद ज़मीन पर अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर लेट गई।

दोस्तों उस दिन में पहली बार किसी की चूत को पूरा नंगा अपने इतना पास से देख रहा था, इसलिए मेरी हालत बहुत खराब थी, मुझे उस कामुक चूत को देखकर अब कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे इसके साथ क्या और कैसे करना था और में एकदम पागल हो चुका था। फिर इतने में मामी मुझसे बोली कि ऐसे घूर घूरकर क्या देखते ही रहोगे, चलो अब जल्दी से काम शुरू करो वरना हमारा यह शुभ मुहूर्त निकल जाएगा और वो मुझसे कहने लगी कि पहले तुम मेरी योनी पर एक कुमकुम का टीका लगा दो। फिर मैंने उनकी गोरी प्यासी चूत के ऊपर एक टीका लगा दिया और जैसे ही मैंने चूत को छुआ तो फिर से मेरे पूरे शरीर में बिजली का करंट दौड़ गया। फिर वो बोली कि अब तुम वो दीया भी जला दो और माचिस लेकर मैंने ठीक वैसा ही किया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अब जो शहद इस कटोरी में है, वो तुम मेरी इस योनी के अंदर डाल दो और इतना कहकर उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के होंठो को खोल दिया। फिर मैंने उस पूरी कटोरी के शहद को उनकी खुली हुई चूत के अंदर डाल दिया, लेकिन वो शहद उसमें पूरा नहीं समाया और वो बाहर निकल आया। अब वो मुझसे बोली कि हमारी यह पूजा तो समाप्त हो गयी है और अब तू थोड़ा सा जल्दी कर, क्योंकि मेरे अंदर देवी योनी आ रही है, इसलिए तू अब जल्दी से उन्हें रिझाना चालू कर दे वरना वो तुझसे नाराज होकर चली जाएगी। अब मैंने जैसा कि उस फिल्म में देखा था ठीक वैसा ही किया। मैंने जल्दी से नीचे झुककर अपनी मामी की खुली चूत पर अपना मुहं लगा दिया और में उनकी चूत को चाटने लगा, वाह क्या मस्त स्वाद था? क्योंकि उनकी चूत का रस शहद के साथ मिलकर क्या मस्त स्वादिष्ट लग रहा था, जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर के अंदर भी ग़ज़ब का जोश आ रहा था, लेकिन मुझे उसके साथ साथ बहुत मज़ा भी आ रहा था और अब मामी के मुहं से भी अजीब अजीब सी आवाजें आ रही थी, वो मुझसे कह रही थी, हाँ और चाटो और ज़ोर से चाटो उफ्फ्फ्फ आईईईइ हाँ ऐसे ही चाटते रहो वरना देवी योनी तुम्हारे लंड देव से खुश नहीं होगी और वो मुझसे इतना कहकर वो जोश में आकर मेरे सर को अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी।

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दोस्तों मैंने भी पूरी तरह से जोश में आकर करीब बीस मिनट तक मामी की चूत को बड़े मज़े लेकर चाटी। तभी मामी मुझसे कहने लगी कि अब बस करो और उन्होंने खुद खड़ी होकर मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो मेरे लंड को अपने मुहं से आगे पीछे झटके मारने लगी, मानो जैसे में सातवें आसमान में पहुंच गया था, उस वजह से मेरा खुद पर कंट्रोल ही नहीं रहा, लेकिन मामी ने सिर्फ़ थोड़ी ही देर मेरा लंड चूसा और फिर वो बोली कि आाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मेरे लंड देव आपकी योनी तुम्हें बुला रही है, उनकी आवाज़ सुनकर मुझे ऐसा लगा कि मानो वो मेरी मामी ना हो और खुद उनके शरीर में देवी योनी हो, उन्होंने अपने दोनों पैर पूरे फैला लिए और उन्होंने मुझे अपने पैरों के बीच में ले लिया और मेरा लंड पकड़कर उन्होंने अपनी चूत के मुहं पर रख दिया और फिर मुझसे कहा कि धक्का लगाओ। अब मैंने भी ठीक वैसा ही किया और मैंने एक ज़ोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया और उन्होंने अपने दोनों पैर मेरी कमर पर लपेट लिए और उन्होंने मुझे आगे पीछे धक्के लगाने को कहा। फिर मैंने भी जोश में आकर ठीक वैसा ही किया और में उनकी चूत में अपने लंड को धक्के लगाता गया, मुझे ऐसा आनंद पहले किसी भी काम में नहीं आया था, जैसा कि मैंने आज उस चुदाई को करके प्राप्त किया था और फिर मामी मुझसे कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से आह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से मेरे देवता मेरे स्वामी लगाते रहो धक्के और ज़ोर से ऊउईईईईईइ हाँ पूरा अंदर डालकर बाहर करो और दोबारा ज़ोर से धक्का देकर अंदर डाल दो। अब मैंने भी उनकी जोश भरी बातें सुनकर उसी समय अपने धक्कों की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया और कुछ देर धक्के देने के बाद एक बार फिर से मेरे शरीर में वही सनसनी हुई जैसा कि पिछले कुछ दिनों से हो रही थी और मेरे लंड ने अपने पूरे ज़ोर से अपना सारा दूध मामी की चूत की गहराईयों में डाल दिया। अब मैंने देखा कि मामी धीरे धीरे ठंडी होती जा रही थी और उनका पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था और वैसे मेरी भी ठीक वैसी ही हालत थी, में भी लगातार धक्के देने की वजह से थककर मामी के ऊपर ही लेट गया। अब मामी बोली कि यह ले मेरे निप्पल तू उनको ज़ोर लगाकर पूरे दम से इसे सक कर और फिर मैंने अपनी मामी के पपीते के आकार के बूब्स के हल्के भूरे रंग के निप्पल को चूसना शुरू किया, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, उनके बूब्स बहुत मुलायम बड़े आकार के थे, जिनको दबाकर में अंदर ही अंदर एक अजीब सा जोश महसूस करने लगा था और जिसकी वजह से मामी भी अब सिसकियाँ लेने लगी और कुछ देर बाद मामी मुझे अपनी छाती से दबाने लगी और मैंने बारी बारी से मामी के दोनों निप्पल को चूसा। फिर कुछ देर बाद मामी खड़ी हुई और फिर से उन्होंने मेरा लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो चूसने लगी। फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया, लेकिन इस बार उन्होंने मेरा लंड कुछ देर के लिए भी अपने मुहं से बाहर ही नहीं निकाला और वो बस लगातार पागलों की तरह झूमती रही और लंड को चूसती रही और बस चूसती रही। में भी तीन बार वीर्य निकल जाने की वजह इस बार थोड़ी देर और ज्यादा मज़ा ले पाया और फिर धीरे धीरे में अपना कंट्रोल दोबारा खोने लगा था, में मामी से बोला कि मामी मेरा दूध निकलने वाला है।

अब मेरे मुहं से यह बात सुनकर उन्होंने अपनी चूसने की स्पीड को पहले से ज्यादा कर दिया और फिर मेरा सारा का सारा वीर्य मैंने उनके मुहं में ही निकाल दिया, जो वो सारा पी गयी। फिर हम दोनों ने उस दिन करीब सात बार मस्त मज़े से सेक्स किया, जिसमें उन्होंने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और मेरे साथ बड़े मज़े किए। मेरी हर एक चुदाई से मामी पूरी तरह से खुश संतुष्ट हुई। दोस्तों उसके बाद में मामी ने मुझे सब बातें सच सच बताई, जिसको सुनकर में एकदम चकित रह गया और उन्होंने मुझसे कहा कि रोनक तू बिल्कुल भी बुरा मत मानना, लेकिन तुझे कोई बीमारी नहीं है, यह तो जब परसों रात को तू बाथरूम में गया था तो में भी बाथरूम में जाने के लिए उसी समय उठी थी और जब मैंने तेरी अंडरवियर को देखी और उस पर वो अनमोल सफेद दूध देखा, जिसकी मुझे पिछले आठ सालों से पाने की इच्छा थी और तब मेरे मन में यह विचार आया और मैंने तेरे साथ सेक्स करने के लिए यह सब नाटक किया और दोस्तों उन्होंने तब मुझे यह भी बताया कि योनी को चूत और सेक्स को चुदाई करना भी कहते है और अब में उनका भांजा सिर्फ़ बाहर वालों के लिए हो गया हूँ, लेकिन में अकेले में ही उनका पति और जब भी वो अकेली रहेगी तो हम दोनों हमेशा सेक्स किया करेंगे, वो मुझसे इतना कहकर तुरंत लिपट गयी और हम एक दूसरे को होंठो से होंठो पर किस करने लगे और फिर हमने चुदाई का अपना दूसरा भाग शुरू किया। उसके बाद हम जब भी मेरे मामा जी कहीं बाहर जाते है तो मामी और में लंड और चूत का खेल खेला करते है और एक बात दोस्तों मेरे और मामी के उस खेल की वजह से मेरी मामी को एक इनाम भी मिला, क्योंकि मेरी मामी के यहाँ पूरे 9 साल बाद एक स्वस्थ, सुंदर लड़के ने जन्म लिया, मामा तो आज भी यही समझते है कि वो उनकी निशानी है, लेकिन मामी को यह पता है कि यह किसके बीज का फल है? आज मेरा और मामी का बेटे पूरे चार साल का हो गया है ।।

धन्यवाद …

Updated: April 17, 2017 — 4:05 am
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