कुंवारा किरायदार और जवान भाभी का प्यार

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम प्रेम है kamukta और लखनऊ का रहने वाला हूँ उम्र 25 साल है और मैं कामलीला डॉट कॉम की सेक्स कहानियों को रोज़ ही पढ़ता आ रहा हूँ और आज मुझे भी ऐसा लगा की क्यों ना आप सभी को मेरी अपनी सच्ची सेक्स स्टोरी सुनाऊँ तो मैं आज आप सभी को अपनी एक सेक्स स्टोरी सुनाने आया हूँ।

दोस्तो मेरा नाम प्रेम है और मेरे घर में पिछले 3 महीनों से एक नये किरायेदार रहने के लिए आए हुए है उनके परिवार में 3 लोग है भाभी, भैया और उनकी एक छोटी लड़की और वो लोग मेरे घर के सबसे ऊपर वाले हिस्से में रहते है जहाँ पर 3 कमरे है और एक किचन है और एक टॉयलेट जिसमें बाथरूम भी शामिल है भाभी के पति पूरे हफ्ते बाहर रहते है और रविवार को ही पूरे दिन साथ में रहते थे। भाभी दिखने में बहुत अच्छी थी और उन्हें देखकर लगता था की शादी को केवल अभी 3 या 4 साल हुए है मेरा कमरा भी छत पर ही था भाभी रात तक काम करती थी और वो मेरे सामने से कई बार गुजरती थी क्यूंकी किचन कमरे के बाहर था और इतनी ज़्यादा बार बार दिखने की वजह से मेरा मन उनको बार बार देखने को होता था और मैं छत पर कुछ सामान फैंकने के बहाँने या फोन पर बात करने के बहाँने से उनके सामने बार बार जाता था। फिर मैं रात को भी उनके बारे में सोचने लगा उनके ख़याल से ही मेरा 7 इंच का लम्बा लंड खड़ा हो जाता था। तभी मैंने एक प्लान बनाया की क्यों ना भाभी से बात की जाए और दोस्ती बढ़ाई जाए और फिर मैं उनसे कभी पानी मांगने के बहाँने से जाता या कुछ और काम से और मैंने उनसे बातें करना शुरू कर दिया धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ने लगी और मैं उनसे बहुत सी बातें करने लगा उनको कोई सामान मंगवाना होता तो वो मुझसे कहने लगी थी और धीरे धीरे वो मुझे बहुत अच्छी लगने लगी थी तभी एक दिन मैंने उनसे कहा भाभी हम फिल्म देखने चले तो उन्होंने मना कर दिया और यह सुनकर मुझे उनके ऊपर बहुत गुस्सा आया लेकिन मैं क्या कर सकता था? फिर एक दिन मैं कंप्यूटर पर थोड़ी तेज़ आवाज़ में गाने सुन रहा था तो भाभी मेरे कमरे में आई और उन्होंने मुझसे कहा की क्या तुम्हारे पास कंप्यूटर है? और तुमने मुझे कभी बताया ही नहीं, वो क्यूँ? फिर मैंने उनसे बोला की इसमें बताने वाली क्या बात है? तो उन्होंने कहा की उन्होंने पिछले 6 महीनो से कोई नई फिल्म नहीं देखी है और बोली एक अच्छी सी फिल्म की डीवीडी लेकर आओ और हम साथ में फ़िल्म देखेंगे।

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तभी मैंने कहा ठीक है और फिर मैंने उनसे पूछा की क्या आपको होलीवुड फिल्म पसंद है? वो बोली हाँ, मैंने कहा की मेरे कंप्यूटर में 100 से ज़्यादा फ़िल्में है क्या आप देखोगी? उन्होंने कहा की हाँ लेकिन खाना खाने के बाद, मैंने कहा की ठीक है और वो जल्दी से खाना बनाने चली गयी और मैंने भी खाना खाने के बाद अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया और लाइट बुझा दी और मुझे लगा की भाभी नहीं आने वाली है तो मैंने क्या किया की अपने कपड़े उतारे और केवल अपनी अंडरवियर में ही सो गया रात को करीब 11:30 बजे मेरे कमरे के दरवाजे पर आवाज़ हुई तो मैंने झटके से दरवाजा खोला तो क्या देखा भाभी सामने खड़ी है और मैं उनके सामने अंडरवियर में ही था और मैंने उसपर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और फिर मैंने उनसे बोला की मुझे लगा की आप नहीं आओगी तो उन्होंने कहा की चलो अंदर चलकर बात करते है ना, तभी यह सुनकर मेरा लंड एकदम फंनफनाने लगा खैर मैंने उनके सामने शर्ट पहनी और बैठ गया वो बोली मैं सोच रही थी की बच्ची सो जाए तब आराम से फिल्म देखेंगे, भाभी ने उस समय सूट पहन रखा था और दुपट्टा नहीं डाला हुआ था और मेरी नज़रे बार बार उनकी चूची को देख रही थी और तभी भाभी ने मुझे फिल्म चलाने को कहा और मैंने फिल्म चलाई 45 मिनट देखने के बाद भाभी बोली की कोई हिन्दी फिल्म नहीं है क्या तुम्हारे पास? तभी मैंने कहा की एक है तो उन्होंने कहाँ की चलो तो मैंने बोला की ठीक है और मैंने मर्डर फिल्म लगा दी फिल्म चलने लगी भाभी सोफे पर लेटकर फिल्म देख रही थी और मैं अपने बिस्तर पर फिर जब फिल्म चल रही थी तो मैं भाभी को बार बार देख रहा था और भाभी भी कभी कभी मुझे देखती तभी फ़िल्म में बहुत गरम सीन शुरू हुआ और भाभी मुझे धीरे से देखकर मंद मंद मुस्कुराई और मैं भाभी को धीरे से देखता और मुस्कुरा देता, तभी मैंने भाभी से कहा की आप बिस्तर पर आराम से लेटो और मैं सोफे पर लेट जाता हूँ तभी उन्होंने कहा की ठीक है, और मैं उठकर गया और फिर मेरा लंड मेरे कपड़ो में टेंट बना हुआ था और भाभी ने भी यह देख लिया था और उन्होंने लंड को देखकर अपनी गर्दन को हल्का सा घुमा लिया और मुहँ उधर की तरफ घुमाकर हल्का सा मुस्कुराई, मुझे यह देखकर मज़ा आ गया फिर मैं सोफे पर लेट गया और भाभी बिस्तर पर आराम से लेटी हुई थी। मेरा लंड एकदम लम्बी रोड बन चुका था मन तो कर रहा था की अभी भाभी को लेटाकर पूरा का पूरा लंड उनकी चूत में डाल दूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। तभी मैंने अपने लंड पर बार बार हाथ फेरना शुरू किया और मैं भाभी को भी देख रहा था और वो भी हल्का हल्का मुस्कुराती और जब उनसे मेरी नज़रे मिली तभी फिल्म ख़तम हो गयी और फिर मैंने दूसरी होलीवूड फिल्म जो की हिन्दी में डब थी वो लगा दी। फिल्म देखते देखते 2 बज चुके थे और भाभी को जब मैंने मुड़कर देखा तो वो किसी भी तरह से नहीं हिल रही थी, फिर मैंने उठकर उनको पास से देखा क्या ग़ज़ब लग रही थी मैंने मोबाइल की लाइट जलाकर देखा तो वो सो चुकी थी।

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मेरे लंड का बुरा हाल हो चुका था और फिर मैंने हिम्मत की और उनके पास में लेट गया करीब 20 मिनट लेटने के बाद मैंने धीरे से उनको टच किया लेकिन वो कुछ नहीं बोली और मैंने फिर से उनको कसकर टच किया और उनकी पीठ पर हाथ फेरा तो उन्होंने कोई विरोध नहीं किया और मैंने धीरे से उनकी चूत सहलाई क्या बताऊँ दोस्तों दिल की धड़कन तेज़ी से बढ़ती जा रही थी और इतना मज़ा आ रहा था की क्या बताऊँ और अब डर भी पूरी तरह से खत्म हो चुका था मैंने उनके सूट के अंदर हाथ डालकर उनकी चूचियों को दबाना शुरू किया और उनके निप्पल को रगड़ना शुरू किया लेकिन यह सब ठीक से नहीं हो पा रहा था बार बार ब्रा बीच में फँस रही थी फिर मैंने भाभी का सूट उतारा और जब सूट पीठ तक आया तो ऊपर नहीं हो पा रहा था तभी मैंने भाभी को हल्का सा ऊपर उठाया और मैं क्या बताऊँ दोस्तों मैं उनके उपर कूद पड़ा और उनको पागलो की तरह किस करने लगा तभी भाभी उठी और मैं एकदम से चौक गया लेकिन उन्होंने भी अपनी सलवार को खोलकर उतार दिया जिससे मेरा काम और भी आसान हो गया अब मैंने उनकी चूचियों को मुहँ में लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया था और मैंने उनको बहुत देर तक चूसा, चाटा और दबाया तभी मैंने अपनी शर्ट और अंडरवियर उतार दी और मेरा लंड भाभी की नाभि और उनके पेट पर लग रहा था मैंने एक हाथ से उनकी पेंटी को उतारा और उनकी चूत को सहलाने लगा उनकी चूत पर बहुत छोटे-छोटे बाल थे लगता था 5 दिन पहले उन्होंने अपनी झांटे साफ की थी और फिर मैंने बीच की उंगली को उनकी चूत में डाल दिया उनकी चूत से पानी निकल रहा था और मैं उनकी चूचियों को लगातार चूस रहा था अब भाभी ने कहा की बस अब, मुझसे रहा नहीं जाता प्लीज़ डालो ना इसे मेरी चूत में बहुत दिनों से यह लंड की प्यासी है प्लीज़, तभी मुझे और भी जोश आ गया और मैंने अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और जोश में आकर एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा पूरा लंड उनकी गीली चूत में एक बार में चला गया और उनके चेहरे से साफ पता चल रहा था की उनको कितना दर्द हुआ है। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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थोड़ी देर बाद वो सिसकियां लेने लगी और मैं धीरे धीरे लंड को चूत में आगे पीछे करने लगा और फिर कुछ देर बाद उनके जिस्म को चुमते हुए जोर जोर से उनकी चूत में झटके देने लगा जिससे भाभी के मुहँ से लम्बी लम्बी सिसकियाँ निकलने लगी। मैं भी उनके होठों को अपने होठों में दबाकर खूब अच्छे से चूस रहा था और उनकी चूत गीली होने के कारण मेरा लंड आराम से अपनी स्पीड से चुदाई कर था था और फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गये और मैंने पूरा का पूरा वीर्य उनकी चूत में डाल दिया और उनके ऊपर ही पड़ा रहा और उनकी चूचियों को चूसने लगा और वो मस्त होकर चुदाई के मज़े ले रही थी और कुछ देर बाद मैं उठा और अपना लंड बाहर निकाला तो पूरी बेडशीट वीर्य से गीली हो चुकी थी फिर हमने उठकर कपड़े पहने और भाभी अपने कमरे में चली गयी लेकिन उसके बाद हमारा चुदाई का यह सिलसिला जारी रहा और हमने बहुत बार चुदाई के मजे लिये।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!

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